बकरीद का पर्व मंगलवार को जिले में संजीदगी से मनाया गया। सुबह निर्धारित समय पर लोग ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचे। एक साथ सभी ने नमाज अदा कर मुल्क के हिफाजत की दुआ मांगी। नमाज के बाद जानवरों की कुर्बानी दी गई। फिर गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी गई। भुलियापुर ईदगाह में पहुंचे डीएम डॉ. आदर्श सिंह और एसपी एमपी वर्मा ने भी गले मिलकर लोगों को बधाई दी।
बकरीद का पर्व हजरत इब्राहिम की ओर से अपने कलेजे के टुकड़े हज़रत इस्माइल की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। जिले में तीन दिन तक पर्व मनाने का सिलसिला चलता है। इस दौरान जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। नमाज अदा करने के लिए मंगलवार सुबह लोग नए कपड़ों में ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचे। इनमें बच्चे भी शामिल थे। मसजिदों के बाहर मेले जैसा माहौल रहा। दुकानें भी लगी हुई थीं। नमाज बाद बच्चे खरीदारी में जुट गए तो बड़े बुजुर्ग एक दूसरे से गले मिल कर मुबारकबाद देते रहे।
भुलियापुर ईदगाह में पहुंचे डीएम डॉ. आदर्श सिंह और एसपी एमपी वर्मा ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को गले मिलकर बधाई दी। कई जगह मस्जिदों के बाहर अन्य समुदाय के लोगों ने भी नमाजियों को बधाई दी।
सुरक्ष्ाा में मुस्तैद रहा पुलिस-प्रश्ाासनः
इस बीच अकीदतमंदों को मौलानाओं ने खुदा के हुक्म को पूरा करने का इल्म दिया। बताया कि दुनियावी जिंदगी के अलावा दीनी जिंदगी गुजार कर खुदा के हुक्म को पूरा किया जा सकता है। नमाज होने तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद रहा। उधर पट्टी में नमाज के बाद ईदगाह कमेटी ने ईदगाह के बाहर एक सामूहिक सद्भाव समारोह का आयोजन किया जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
मेले में जुटे नन्हे-मुन्नों ने खूब की खरीदारी
भुलियापुर स्थित ईदगाह के बाहर लगे मेले में लोगों ने खूब खरीदारी की। बच्चों ने अपने पसंद के खिलौने खरीदे, तो बड़े और बुजुर्ग लोगों ने मिठाई और घरेलू उपयोग की सामग्री खरीदी। ईदगाह से बाहर आने वाले लोग एक दूसरे के गले मिलते और फिर मेले की ओर मुड़ जाते थे। कुछ बच्चे अपने पिता की उंगली पकड़ कर खिलौने खरीदने के लिए विवश करते रहे।