लोकसभा चुनाव में कूदने वाले प्रत्याशियों को निजी भवनों पर बैनर और पोस्टर लगाने के पहले गृहस्वामी से लिखित अनुमति लेनी होगी। जिले में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी भवन पर पोस्टर और बैनर लगाने की अनुमति नहीं है।
इधर चुनाव की तैयारियों में लगा जिला प्रशासन नेताओं के बैनर और होर्डिंग हटवाने में पूरी तरह फेल रहा है। शहर और ग्रामीण इलाकों में अभी भी बैनर और पोस्टर लगे हुए हैं।
जिले में दस मार्च से आदर्श आचार संहिता लागू है। चुनाव की घोषणा होने से पहले जिस तरह से जिला प्रशासन तैयारियां कर रहा था, उससे लगा कि चुनाव की घोषणा होते ही शहर और गांव से सभी बैनर, पोस्टर और होर्डिंग हटा दी जाएंगी। मगर हाल यह है कि अभी भी शहर में बैनर और पोस्टर लगे हुए हैं।
दरअसल, शहर में प्रचार सामग्री हटाने की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई थी। पालिका ने चौराहों पर लगे पोस्टर-बैनर तो हटा दिए, मगर शहर के अन्य इलाकों में लगे पोस्टर और बैनर नहीं हटाए गए हैं। इस पर नगरपालिका कर्मियों की नजर नहीं पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में वॉल राइटिंग, बैनर, पोस्टर हटाने वाला कोई नहीं है।
चुनाव आयोग ने 48 घंटे का दिया था समय
चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के 24 घंटे के अंदर सरकारी भवनों, 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक स्थलों और 74 घंटे के अंदर निजी भवनों से प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। मगर अधिकारी यह सब दावा कागजों पर ही कर रहे हैं।
अंतू और सिटी में बुधवार को चला अभियान
जिले के अंतू और सिटी टाउन एरिया में बैनर और होर्डिंग हटाने का अभियान बुधवार को चला। एसडीएम विनीत उपाध्याय के नेतृत्व में चले अभियान में टाउन एरिया कर्मचारी बैनर और होर्डिंग समेटते रहे। हालांकि वॉल राइटिंग पर अभी अफसरों की नजर नहीं पड़ रही है।
1267 पाबंद, 72 हिस्ट्रीशीटर को नोटिस
शांतिपूर्ण मतदान कराने में बाधक बनने वाले अंतू और नगर कोतवाली के 1267 लोगों को अभी तक शांतिभंग के अंदेशे में पाबंद किया जा चुका है। जबकि अंतू में 68 और नगर कोतवाली के चार हिस्ट्रीशीटरों को नोटिस थमाया गया है।
आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो रहा है। अंतू और सिटी में आज भी बैनर, पोस्टर, होर्डिंग उतरवाने का अभियान चला है। जहां से भी शिकायतें मिल रही हैं, तुरंत होर्डिंग हटवाई जा रही है। सभी थानों और ईओ को सख्त आदेश दिए गए हैं।
विनीत उपाध्याय, एसडीएम, सदर।