सराफ की हत्या कर दस लाख के जेवर और नगदी लूटने की घटना के विरोध में रविवार को पट्टी बाजार पूरी तरह से बंद रहा। आक्रोशित व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंदकर विरोध जताया। कस्बे में जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पोस्टमार्टम के बाद शव घर जाते समय चौक में व्यापारियों ने एंबुलेंस को रोक लिया। व्यापारी शव चौक में रखकर प्रदर्शन करना चाह रहे थे। बीच में खड़ी पुलिस से व्यापारियों की तीखी झड़प हुई। जिसे लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा।
काफी मशक्कत के बाद व्यापारियों को समझाबुझाकर पुलिस अफसर एक घंटे बाद एंबुलेंस से शव घर भेजने में कामयाब हो सके। आक्रोशित व्यापारियों ने बदमाशों के पकड़े जाने तक अनिश्चितकालीन बंदी का एलान किया। व्यापारियों के आक्रोश के बीच पहुंचे प्रदेश सरकार के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने भरोसा दिलाया कि मृतक के परिजनों की हर संभव मदद व बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पट्टी कोतवाली के रायपुर निवासी सराफ मोहम्मद अहमद की शनिवार शाम तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। साथ रहे उसके भाई मुस्तकीम के सिर पर तमंचे की बट से हमला कर दिया था। बदमाश दस लाख रुपये के जेवर और नगदी लूट ले गए थे। घटनास्थल पर पहुंचे एसपी को विरोध का सामना करना पड़ा था।
रात में ही एडीजी प्रयागराज प्रेमप्रकाश भी मौके पर पहुंचे। देर रात मुस्तकीम की तहरीर पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने हत्या व लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया। रविवार को घटना के विरोध में व्यापार मंडल के आह्वान पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताते हुए जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
बवाल की आशंका को देखते हुए पूरे बाजार में देवसरा, कंधई, रानीगंज समेत अन्य थानों की फोर्स मुस्तैद रही। व्यापारियों के आक्रोश व प्रदर्शन की खबर मिलने पर करीब डेढ़ बजे कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह बाजार पहुंचे। मृतक के परिजनों व व्यापोरियों से वादा किया कि उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद भी व्यापारियों ने बदमाशों के पकड़े जाने तक अनिश्चतकालीन बंदी का ऐलान किया। इधर, मृतक सराफ अहमद के शव का रविवार दोपहर पोस्टमार्टम शुरू हुआ।
उसके सिर व आंख के पास दो गोलियां लगी थीं। चेहरे व सिर में 50 से अधिक छर्रे घुसे थे। पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव लेकर परिजन, रिश्तेदारों संग एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद, कोहड़ौर, अंतू थानाध्यक्ष भी रवाना हो गए। पट्टी कस्बे में एंबुलेंस को व्यापारियों ने रोक लिया। व्यापारी शव चौक में रखकर प्रदर्शन करना चाह रहे थे। व्यापारियों को रोकने के लिए पुलिस अफसर डटे रहे। जिसे लेकर हंगामा होता रहा। करीब एक घंटे तक व्यापारी पुलिस को खरीखोटी सुनाते रहे। कई बार पुलिस व व्यापारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई।
मशक्कत के बाद पुलिस व्यापारियों को समझाने में कामयाब हो सकी। बाद में शव को घर भेजा गया। सराफ का शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पत्नी, मां समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल रहा। असर की नमाज के बाद जनाजे को कस्बे के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
वीडियोग्राफी के बीच डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
नगर कोतवाली के पूरे केशवराय स्थित पोस्टमार्टम हाउस में वीडियोग्राफी के बीच दो डाक्टरों के पैनल ने सराफ अहमद के शव का पोस्टमार्टम किया। बवाल की आशंका को देखते हुए एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद, सीओ सिटी अभय पांडेय समेत कई थानों की फोर्स मुस्तैद रही।
पट्टी पुलिस की लेटलतीफी पर रहा आक्रोश
मृतक सराफ के भाई मुस्तकीम की तहरीर पर रात में ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस रात में पोस्टमार्टम का प्रयास करती रही, लेकिन बात नहीं बनी। रविवार को जल्दी पंचायतनामा भरने की बात पुलिस अफसरों ने कही थी, लेकिन दस बजे तक पट्टी पुलिस पंचायतनामा भरने अस्पताल नहीं पहुंची। अस्पताल पहुंचे एएसपी पश्चिमी दिनेशचंद्र द्विवेदी ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। इसके पूर्व मृतक अहमद के शव का जिला अस्पताल में ही एक्सरे किया गया।
सुरक्षा समेत पांच मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
मृतक सराफ अहमद की हत्या कर करीब दस लाख की लूट से आक्रोशित व्यापारियों के साथ परिजन सुरक्षा की मांग कर रहे थे। पट्टी में शव रोककर प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों व सपा नेताओं ने सुरक्षा, आर्थिक मदद, घटना का खुलासा समेत पांच मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पूर्व विधायक श्याद अली, पूर्व विधायक राम सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष जीतलाल ,तबारक हुसैन, सद्दाम हुसैन, इरफान खान, हाफिज नसीम, वासिक, इरशाद समेत व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम ने मांगों को पूरा कराने का भरोसा दिलाया। घर से लेकर पट्टी कस्बे में हजारों लोगों की भीड़ देख पुलिस अफसरों के हाथ-पैर फूलते रहे।
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अस्पताल पहुंचे एडीजी ने पुलिसकर्मियों की लगवाई दौड़
सराफ की हत्या कर लूट की खबर के बाद एडीजी प्रयागराज प्रेमप्रकाश ने पट्टी पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। वहां से एसपी शिवहरि मीना समेत अन्य अधिकारियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। चौक के करीब सिपाही चेकिंग करने के बजाय अलाव के पास बैठे नजर आए। जिला अस्पताल में भी अलाव ताप रहे पुलिसकर्मियों पर एडीजी भड़क गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भंगवाचुंगी, चौक समेत शहर के अन्य स्थानों तक दौड़ लगवा दी।
लूट को दरकिनार कर रंजिश खोज रही पट्टी पुलिस
पांच टीमें दे रहीं दबिश, 30 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, सात संदिग्ध हिरासत में
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शनिवार की शाम पट्टी कोतवाली के रायपुर में सराफ मोहम्मद अहमद की गोली मारकर हत्या और लूट की घटना में पुलिस के हाथ खाली हैं। बदमाशों को पकडने के लिए अफसरों द्वारा गठित पुलिस की पांच टीमों को अभी तक कुछ खास नहीं हासिल हो सका है। पुलिस अब लूट को दरकिनार कर घटना को रंजिश से जोड़ रही है। जौनपुर व सुलतानपुर के बदमाशों को भी पुलिस ने रडार पर ले रखा है।
पट्टी कोतवाली के रायपुर निवासी सराफ मोहम्मद अहमद को गोली मारकर तीन बदमाश उसके पास से दो लाख रुपये व करीब आठ लाख रुपये की कीमत के जेवरात लूटकर भाग निकले। अहमद के भाई मुस्तकीम पर भी बदमाशों ने फायर झोंका, लेकिन वह मिस हो गया। जिसके बाद बदमाश उसके सिर पर तमंचे से प्रहार कर भाग निकले। घटना के बाद पुलिस लूट की दिशा मेें काम कर रही थी। रात में पुलिस की पांच टीमों ने दबिश देकर सात संदिग्धों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ की जाती रही। जौनपुर व सुलतानपुर के बदमाशों को भी पुलिस ने रडार पर ले रखा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रविवार को अचानक पुलिस लूट की दिशा में छानबीन बंद कर मृतक व उसके परिवार के लोगों की शहर से लेकर पट्टी के बीच रंजिश खंगालने में जुट गई। जबकि लूट की तस्वीर बिल्कुल साफ है और मृतक व उनके परिवार वालों की किसी से कोई रंजिश भी नहीं है। अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र प्रसाद का दावा है कि पुलिस की टीमें लगातार काम कर घटना का खुलासा करने में लगी हुई हैं।
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भाई व रिश्तेदार ने किया था आगाह
मृतक सराफ अहमद व उसके भाई मुस्तकीम सब्जी का कारोबार छोड़कर कई साल पहले आभूषण का कारोबार करने लगे। पट्टी कस्बे में छोटी सी दुकान खोल ली। मिलनसार व्यवहार के चलते उनका कारोबार चल निकला। श्याम बिहारी गली में हुई घटना के बाद अहमद व मुस्तकीम को उनके बड़े भाई ने सतर्क रहने के लिए कहा था। अहमद के सिटी में रहने वाले ससुर ने भी उसे समय बदलकर व अधिक मात्रा में जेवरात साथ लेकर न जाने की सलाह दी थी, लेकिन वह अपने समय पर दुकान आते और घर जाते रहे। जिसे लेकर परिवार के लोग अफसोस जताते हुए कहते रहे कि यदि दोनों ने बात मान ली होती तो शायद घटना न होती।
पट्टी में बदमाशों की गोली से मृत सर्राफा व्यापारी का शव बाजार में पहुंचने पर जुटी भीड़।- फोटो : PRATAPGARH
पट्टी में सर्राफा व्यापारी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते व्यापारी।- फोटो : PRATAPGARH