स्टेडियम में बैडमिंटन के कोच की नियुक्ति नहीं होने से खिलाड़ियों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशिक्षक नहीं मिलने से खिलाड़ी स्वयं से अभ्यास करने को मजबूर हैं। जिला खेल अधिकारी ने कई बार मांग भेजी, लेकिन अब तक कोई नियुक्ति नहीं हो सकी।
स्टेडियम में बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कुश्ती, हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स और ताइक्वांडो जैसे खेलों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। स्टेडियम में आने वाले बैडमिंटन के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए कोच की नियुक्ति नहीं है। जिस कारण खिलाड़ियों को प्रशिक्षक का मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है। बैडमिंटन के 40 खिलाड़ी हर दिन प्रशिक्षण लेने स्टेडियम पहुंचते हैं। खिलाड़ी किसी तरह अभ्यास कर रहे हैं लेकिन प्रशिक्षक की अनुपस्थिति में खेल से जुड़ी तकनीकी बारीकियों से वंचित हो रहे हैं। खिलाड़ी राजेश कुमार, अवनीश, विशाल ने बताया कि बगैर कोच के अभ्यास करना कठिन है। जिला क्रीड़ाधिकारी पूनम लता राज ने बताया कि मार्च के बाद कोच आने की उम्मीद है।