शहर में ज्यादातर आटो और मैजिक चालक मनमानी पर उतारू हो गए हैं। चालक न तो नियमों का पालन करते हैं और न ही उनमें पुलिस का डर रह गया है। बीच सड़क पर गाड़ी खड़ी कर सवारियां बैठाने लगते हैं। यात्रियों के साथ अभद्रता भी करते हैं। जबरन हाथ पकड़कर यात्रियों को दो चालक खींचतान करने लगते हैं। तीन सवारियों की जगह दस से 12 लोगों को आटो चालक तो आठ की जगह 14 से 16 यात्रियों को लटका कर मैजिक चालक सड़क पर फर्राटा भरते हैं। यातायात विभाग सबकुछ देखते हुए भी चुप्पी साधे रहता है।
इतना ही नहीं एक मैजिक पर आठ लोगों को बैठने के लिए एआरटीओ विभाग ने परमिट दे रखा है। इसके बाद भी चालक कम से कम 14 से 16 यात्रियों को बैठा और लटकाकर चलते हैं। पुलिस देखती है तो वह बगल से किनारा काट लेती है और एआरटीओ ऐसे चालकों पर कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझते। यही हाल आटो चालकों का है। एआरटीओ ने एक आटो पर बैठने के लिए तीन ही लोगों को छूट दे रखी है, मगर चालक 8 से 12 लोगों तक बैठा और लटका कर सफर करवाते हैं। इससे हर समय यात्रियों की जान जोखिम में रहती है। कुछ चालक ऐसे हैं जो सवारी को पहले बैठाकर भागने के चक्कर में तेज गति में चलते हैं।
यात्रियों के साथ जोर जबरदस्ती करना गलत है। अभियान चलाकर ओवरलोड और बगैर लाइसेंस आटो व मैजिक चलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। बीच सड़क पर गाड़ी रोक कर सवारी बैठाते मिलने पर गाड़ी सीज कर दी जाएगी।
संतोष यादव, टीआई।