फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एटीएम दे गए दगा, निराश लौटे ग्राहक

Sun, 04 Dec 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
विज्ञापन
other
विज्ञापन
जिले के एसबीआई और बीओबी के एटीएम शनिवार को ही जवाब दे गए। रविवार को क्या होगा। इसके बारे में बैंक कर्मचारी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। एसबीआई का एटीएम दोपहर बाद चालू किया गया तो बीओबी का ताला  सुबह से ही नहीं खुला। इससे सुबह से लाइन में लगे लोग परेशान रहे।
विज्ञापन


नोटबंदी के बाद बैंकों के साथ एटीएम की हलात सुधरने का नाम नहीं ले रही है। इन दिनों सुबह-सुबह पड़ रही ठंड के बावजूद लोग सात बजे तक एटीएम पर पहुंच कर लाइन में लगकर पसीना बहा रहे हैं। वहीं दोपहर तक एसबीआई के एटीएम में पैसा नहीं डाला गया था। इसके बाद भी लोग उम्मीद में लाइन में लगे रहे। दोपहर बाद एटीएम को चालू किया गया। बीओबी का एटीएम दिनभर नहीं खुला। एचडीएफसी बैंक के एटीएम कक्ष से लेकर सड़क तक लंबी लाइन लगी थी। एटीएम कक्ष में एक साथ पांच से सात लोग खड़े थे। एक्सिस बैंक  और इलाहाबाद बैंक के एटीएम में सुबह से ही पैसा निकाल रहा था। इसके बावजूद लंबी लाइन लगी थी। लोग अपनी जान हथेली पर रखकर पैसा निकालने के लिए इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग के किनारे लाइन में लगकर अपने बारी का इंतजार कर रहे थे। टीबी अस्पताल के सामने लगे एटीएम में बड़ी संख्या में लोग लाइन में देखे गए।

एटीएम से पैसा निकालने के चक्कर में भूल गए खाना-पानी
सुबह होते ही लोग एटीएम से 24 सौ रुपये निकालने के लिए पहुंच जाते हैं। लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने लगते हैं। जबकि वे न तो घर से नाश्ता करके निकलते हैं और न ही खाना खाकर। ऐसे में बस उनके सामने किसी तरह एटीएम से पैसा निकालने की चाहत बनी रहती है। दोपहर हो जाता है मगर लाइन में लगे लोगों को न तो खाना याद आता है और न ही पानी या फिर नाश्ता। सबसे बड़ी दिक्कत लाइन में लगने के बाद बगल होते ही नम्बर खत्म हो जाता है। ऐसे में लोग परेशान होते हैं।
विज्ञापन


खत्म हो गई सुरक्षा व्यवस्था
प्रतापगढ़। बैंकों और एटीएम से सुरक्षा व्यवस्था अब खत्म हो गई है। न तो पुलिसकर्मी दिखाई पड़ते हैं और न ही बैंक कर्मचारी। जबकि लाइन में लगे लोग धक्कामुक्की करते रहते हैं। कुछ लोग हंगामा भी करने लगते हैं, मगर कोई ध्यान नहीं देता है। सरकार के  हजार और पांच सौ के पुराने नोट को बंद करने के फै सले के बाद बैंकों के साथ एटीएम बूथों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। मगर दो दिनों से बैंक के साथ एटीएम सेंटर पर पुलिस कर्मी तो दूर होमगार्ड भी नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। जबकि बैंक आने वाले ज्यादातर लोग हंगामा करते रहते हैं। बुजुर्ग और अधेड़ परेशान होते हैं युवा पीढ़ी के लोग धक्कामुक्की करते हैं। इसके बाद भी पुलिस कर्मी कहीं नहीं दिखाई पड़ते हैं। ग्रामीणांचल में तो कई बैंक कर्मचारी को बंधक भी बनाने की खबरें तीन दिनों से लगातार आ रही हैं। इसके बाद भी पुलिस नहीं पहुंच रही है। बैंक कर्मचारी भी परेशान हो गए हैं। पुलिस मदद करने के लिए अब आगे नहीं बढ़ रही है।

ग्रामीणांचल के डाक घरों में नहीं पहुंच रहा पैसा
प्रतापगढ़। न्याय पंचायतों पर खुले डाक घरों में अब तक जमा और निकासी दोनों हो रही थी, मगर नोटबंदी के बाद हजार और पांच सौ के पुराने नोट न तो जमा किये जा रहे हैं और न ही ग्राहकों को पैसा दिया जा रहा है। ऐसे में ग्राहक परेशान है। यही हाल टाइनी शाखओं का है। पुराने नोट न तो जमा किये जा रहे हैं और न ही ग्राहकों के खाते से पैसा निकाल कर दिया जा रहा है। ऐसे में नोटबंदी के बाद से टाइनी बैंक और ग्रामीणांचल में न्याय पंचायतों पर खुले डाकघर शोपीस बन गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें