Arhar pulses became cheaper but oil prices increased
इन दिनों आलू व अरहर की दाल सस्ती जरूर हो गई है, मगर इसके बाद भी रसोई का बजट संतुलित नहीं हो पा रहा है। आलू व अरहर की दाल सस्ती होने के बाद अब मूंगफली, सोयाबीन व सरसों तेल के दाम आसमान छूने लगे हैं।
सरसों तेल के दाम में प्रति लीटर 15 से 20 रुपये का इजाफा हुआ है। यही हाल मूंगफली व सोयाबीन के तेल का भी है। गृहणियों का कहना है कि तेल का दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है।
पिछले साल सरसों की फसल बहुत अच्छी नहीं हुई थी। मौसम की मार से पैदावार पर काफी प्रभाव पड़ा था। यही हाल मूूंगफली व सोयाबीन का भी रहा। जानकारों का कहना है कि यही वजह है कि तेल के दाम बढ़ोतरी हो रही है। लॉकडाउन के दौरान सरसों का तेल 90 रुपये किलो बिक रहा था, जो अब बढ़कर 140- से 145 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। सरसों के अलावा अन्य खाद्य तेलों के दाम भी पिछले कुछ दिनों के दौरान बढ़े हैं।
थोक में लॉकडाउन के दौरान सोयाबीन का तेल 1300-1350 रुपये में 15 लीटर मिल रहा था जो अब बढ़कर 1900-1950 तक पहुंच गया है। लोगों का मानना था कि सहालग के चलते दाम बढ़े हैं। लगन खत्म होने के बाद दाम घटने की उम्मीद थी, मगर ऐसा नहीं हो सका। व्यवसायी रमेश कनमार ने बताया कि दिसंबर माह की अपेक्षा जनवरी में सरसों, सोयाबीन व मूंगफली के दामों में बढ़ोतरी हुई है।
एक नजर दामों पर
तेल एक दिसंबर एक जनवरी
सरसों का तेल 120-130 रुपये 140-150 रुपये
मूंगफली का तेल 145-155 रुपये 150-160 रुपये
सोयाबीन 115-120 रुपये 125-135 रुपये
Arhar pulses became cheaper but oil prices increased