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अपराजिता : बालिकाओं ने दिया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

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अमर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत प्रभात एकेडमी में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभाग - फोटो : PRATAPGARH
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बेटियों की सच्ची दोस्त मां होती हैं, मगर मां को पिता का हौसला मिलना आवश्यक होता है। बुधवार को शहर के प्रभात एकेडमी में अमर उजाला के अभियान अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल के तहत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बालिकाओं ने कागज के पन्नों पर पेंसिल से मां और बेटी का आकर्षक चित्र बनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। चित्रों के जरिए यह दर्शाने का प्रयास किया कि आज की बेटी कल की मां होगी और वह दो परिवारों का भाग्य जगाएगी।
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बालिकाओं ने कागजों पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का चित्र उकेरा। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली बालिकाओं ने कागज के पन्नों अपने हुनर के जरिए बेटियों को आगे बढ़ाने की अपील की। खुशी जायसवाल के चित्र में एक तरफ गर्भ में पल रही बेटी को बचाने की मुहिम थी, तो दूसरी तरह बेटियों को गुणात्मक शिक्षा देने की सीख दी जा रही थी। इस आकृति को लोगों ने खूब सराहा।
इसे पहला स्थान प्रदान किया गया। मिली केसरवानी ने बेटी-बेटा में कोई अंतर नहीं होने का चित्र बनाया। उसे दूसरा स्थान मिला। प्रतियोगिता में तीसरा स्थान खुशी कुमारी को मिला, जिन्होंने मां-बाप के प्यार के साथ ही बेटी के दायित्व का बोध कराया।
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बड़ी संख्या में बालिकाओं ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर अपना हुनर दिखाया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका शिक्षिका मुस्कान, नेहा और प्रदीप पांडेय ने निभाई। स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. प्रभात शर्मा ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता में भार्गवी, गौरी तिवारी, आकांक्षा श्रीवास्तव को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
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