कोतवाल कुंडा सहित चार थानों के एसओ को न्यायालय ने कार्य में लापरवाही पर फटकार लगाई है। दीवानी न्यायालय में हाजिर हुए सभी एसओ और कोतवाल ने इसके लिए खेद जताते हुए एक महीने में सारे कार्य पूर्ण करने की बात कही है। उधर न्यायालय से एक महीने में कार्य पूरा न होने पर अवमानना की कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया गया है।
न्याय भवन कुंडा के एक कोतवाली और पांच थाने हैं। इसमें कुंडा, बाघराय, संग्रामगढ़, मानिकपुर, महेशगंज व हथिगवां हैं। इन सभी थानों में 2012 से अब तक की विवेचनाएं लंबित पड़ी हैं। न्यायालय से आदेश हुए मुकदमों की विवेचना ही नहीं की जा रही थीं। कुंडा में 199, हथिगवां में 248, संग्रामगढ़ में 151, मानिकपुर में 274, महेशगंज में 155 व बाघराय में 305 मुकमदमें अब तक के लंबित हैं। इनकी विवेचना थानों के द्वारा नहीं की जा रही थी। इसके लिए कई बार चेतावनी दी गई लेकिन उसे अनसुनी कर दिया गया। इसके चलते कुंडा दीवानी न्यायालय में एसीजेएम घनेंद्र कुमार ने सभी को गुरुवार को तलब कर लिया। इसके साथ ही सभी को जमकर फटकार लगाई। इसके साथ ही एक महीने में सारे मुकदमों की विवेचना करके रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। यही नहीं एक महीने में विवेचना पूरी न होने पर सभी पर अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। बाघराय एसओ को जरूरी कार्य से बाहर होने के चलते अगले दिन के लिए तलब किया गया है।