चिलबिला बाजार के मौर्या चौराहे पर दुकानों पर कब्जा किए जाने से क्षुब्ध दिव्यांग ब्यूटी पार्लर संचालिका कंचन जायसवाल ने रविवार की सुबह दस बजे अपनी दुकान में फंदे से लटक कर जान दे दी। घटना से आक्रोशित लोगों ने प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। विधायक को खरीखोटी सुनाई। मामले में चौकी प्रभारी समेत पांच सिपाहियों को निलंबित किया गया है। करीब छह घंटे बाद हंगामा शांत हुआ।
चिलबिला बाजार निवासी मक्खनलाल जायसवाल की मौत के बाद छह बेटों के बीच मौर्या चौराहे पर स्थित तीन दुकानों को लेकर विवाद चल रहा है। मक्खनलाल की दिव्यांग बेटी कंचन जायसवाल (45) अपने भाई अश्वनी, मनीष व हर्षित के साथ रहती थी। सचिन, ऋषि व शशि अलग रहते हैं।
आरोप है कि चौराहे पर स्थित अपने हिस्से की दुकानों को सचिन, ऋषि व शशि ने कुछ दबंग लोगों के नाम एग्रीमेंट कर दिया, जिन्होंने 19 नवंबर की रात जबरन ताला जड़ते हुए बिल्डिंग बंद करा दी। सभी को धमकाते हुए भगा दिया।
कंचन ने कई बार पुलिस से शिकायत की। लेकिन सुनी नहीं गई। इससे परेशान होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद करा दिया। आरोपियों के कपड़े के शोरूम पर पथराव किया। एसपी सतपाल अंतिल समेत अन्य पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। उन्होंने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। बाद में बंद दुकानों को खुलवाया गया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
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सीएम को लिखा था पत्र
मरने से पहले मृतका कंचन जायसवाल ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई, जिसमें पुलिस-प्रशासन के असहयोग के बारे में भी बताया। सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि जो कदम वह उठाने जा रही है, कल परिवार के अन्य सदस्य भी उठा सकते हैं।