ट्रेन हादसे को बचाने वाली श्यामा देवी पटेल के साहस और सूझबूझ का सम्मान करने अमर उजाला की टीम रविवार को उसके घर पूरेचंदू गांव पहुंची। श्यामा ने किस तरह से हादसे को रोका इस बारे में अमर उजाला को विस्तार से बताया। कहा कि वह इस कार्य को करके काफी सुकून महसूस कर रही है। श्यामा की इच्छा है कि समाज की सभी महिलाएं मुसीबत में फंसे लोगों की मदद कर मिसाल कायम करें।
बताया कि समाजिक कार्यों में वह बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं। गांव व पड़ोस में अगर कोई परेशान होता है तो वह उसकी मदद को तत्पर रहती हैं। एक प्रश्न के उत्तर में श्यामा देवी ने कहाकि वह सिर्फ इतना जानती थी कि लाल रंग गाड़ी रोकने के लिए होता है। बस यही शनिवार को काम आ गया। बताया कि जब उसने गाड़ी आने की आवाज सुनी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। मगर अचानक लाल रंग और गाड़ी रोकने की बात याद आई। इस अवसर पर उनको अमर उजाला की तरफ से प्रशस्ति पत्र व शाल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके पति श्री राम पटेल, बीडीसी सदस्य बृजेश दूबे व ग्रामीणों ने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना की और धन्यवाद ज्ञापित किया।