ब्रेकडाउन के दौरान चंद मिनट में बिजली की आपूर्ति दूसरे उपकेंद्र से जोड़ने के लिए वैकल्पिक मेनलाइन बनाई गई थी लेकिन ब्रेकडाउन के दौरान इस लाइन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। दरअसल, बाबागंज व रूपापुर दोनों उपकेंद्रों की आपूर्ति एक ही मेनलाइन से हो रही है। इससे लोड का संतुलन नहीं बन पा रहा है। इससे ब्रेकडाउन के दौरान उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है।
शहर के दहिलामऊ व बाबागंज को जोड़ने के लिए एक वैकल्पिक मेनलाइन तैयार की गई है। इसमें करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस लाइन को बनाने का उद्देश्य था कि अगर बाबागंज की मेनलाइन ब्रेकडाउन होगी तो इसे दहिलामऊ कनेक्ट करके आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी, और अगर दहिलामऊ ब्रेकडाउन होगी तो इसका सहारा बाबागंज से लिया जाएगा। ताकि उपभोक्ताओं को बिजली संकट से न जूझना पड़े, लेकिन लाइन तैयार होने के बाद भी इसका लाभ विभाग नहीं ले पा रहा है।
दरअसल, मौजूदा समय में बाबागंज व रूपापुर की मेनलाइन एक ही है। इससे इस लाइन पर लोड अधिक है। यही वजह है कि अभी इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे ब्रेकडाउन होने के बाद उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। ब्रेकडाउन के दौरान अभी फाल्ट खोजने के बाद उसे दुरुस्त करने पर ही सप्लाई शुरू हो पाती है। इससे करीब डेढ़ से दो घंटे तक उपभोक्ताओं को बिना बिजली के ही रहना पड़ता है। दहिलामऊ उपकेंद्र के जेई विजय सिंह ने बताया कि रूपापुर व बाबागंज की मेनलाइन अलग-अलग की जाएगी। रूपापुर की मेनलाइन अंतिम चरण में है। इस लाइन की आपूर्ति शुरू होने पर वैकल्पिक लाइन का उपयोग शुरू हो जाएगा।