जर्जर सड़कें, पानी व बिजली की किल्लत और बेरोजगारी के तमाचे से कराहते युवाओं की जनप्रतिनिधियों के उपेक्षा का आलम पट्टी विधान सभा क्षेत्र में आराम से देखा जा सकता है। इस विधानसभा में माथा चकराने वाली अव्यवस्थाओं का जखीरा है। क्षेत्र की जनता से वोट लेने वालों ने इन समस्याओं को जड़ से समाप्त करने का प्रयास शिद्दत से अब तक नहीं किया। चाय-पान की दुकानों पर इलाके की जनता को यह बातें कहते हुए कहीं भी सुना जा सकता है।
पट्टी कस्बे को जाने वाले मार्ग पर बने नाले का पुल संकरा है। इससे आए दिन लगने वाले जाम में लोगों का वक्त तो जाया होता ही है वे परेशान भी होते हैं। लोग कहते हैं कि पट्टी से कोहंडौर, पट्टी से पृथ्वीगंज बाजार व पट्टी से देवसरा, ढखवा से इब्राहिमपुर, इब्राहिमपुर से मढ़रामऊ, दयालगंज से अकारीपुर तिवरान, पट्टी से रेड़ीगारापुर, उड़ैयाडीह से अखेउवा और उड़ैयाडीह से पृथ्वीगंज बाजार को जाने वाली जर्जर सड़कें क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की उपेक्षा से आज तक नहीं बन सकीं। सड़कों पर गड्ढे व उखड़ी गिट्टियां जानलेवा हो गई हैं।
क्षेत्र में बिजली के जर्जर उपकरण और घटिया आपूर्ति से लोग परेशान हैं। जारी रोस्टर के मुताबिक लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। कहा तो यह भी जाता है कि यहां इलाज की समुचित व्यवस्था का अकाल है। क्षेत्र में बेरोजगारों की बड़ी फौज है। रोजगार न मिलने के कारण उन्हें गैर जनपद व प्रांतों में जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय विधायक ने चुनाव में इन्हीं समस्याओं को दूर कराने का वादा कर लोगों से वोट मांगे थे। फरवरी माह में ही चुनाव हुए तीन साल का वक्त पूरा हो गया। मगर आज तक उनके जरिए जनता से किया गया कोई वादा पूरा नहीं किया जा सका।
इससे क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों के मंच से अक्सर उमदा विकास कराए जाने का उनका दावा लोगों के गले नहीं उतर रहा। गौर करने वाली बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2014-2015 में पट्टी विधायक को भी निधि में डेढ़ करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें से वे मात्र 21 लाख रुपया विद्यालय कक्ष के लिए खर्च किए हैं। डीआरडीए के लोग यह भी कहते हैं कि उन्होंने निधि का करीब एक करोड़ 29 लाख रुपया खर्च नहीं कर सके। तकरीबन 15 लाख रुपए का प्रस्ताव उन्होंने डीआरडीए को दिया है जबकि निधि में बचे इस पैसे से वह चाहते तो खस्ताहाल सड़कों, पुलों के निर्माण, विद्युतीकरण, खराब हैंडपंपों के रिबोर व नए हैंडपंप लगवाने का काम करा सकते थे। आंकड़े बता रहे हैं कि जनता के लिए प्राप्त निधि का भी पैसा खर्च करने में वह कंजूसी बरत रहे हैं। जब वह मिला पैसा विकास में नहीं खर्च कर रहे तो लोग कैसे यकीन करें कि वह क्षेत्र का विकास करना चाहते हैं।
पट्टी विधायक राम सिंह पटेल का दावा है कि उन्होंने क्षेत्र में विकास के कई काम कराए हैं। कराए गए कार्यों की जानकारी वह विज्ञापन के जरिए जनता को देंगे। थोड़ी देर बाद वह बोले कि उन्होंने क्षेत्र में सैंकड़ाें हैंडपंप लगवाए हैं। 550 हैंडपंप का प्रस्ताव दिए हैं जो कुछ दिन में लगने शुरू हो जाएंगे। 20 गांवों का विद्युतीकरण कराया। उन्होंने कहाकि कि 13 सड़कें पास कराईं। सड़कों का मरम्मतीकरण हो ही रहा है। कभी कभार विद्युत आपूर्ति की दिक्कत होती है। बाकी रोस्टर से आपूर्ति हो रही है। खराब सड़कों की बाबत लोग गलत जानकारी दे रहे हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि विधायक राम सिंह के दावे में विकास के जो कार्य गिनाए गए हैं उनमें ज्यादातर दूसरी योजनाओं के हैं। उनकी अपनी निधि से विकास के क्या कार्य हुए हैं यह विधायक भलीभांति जानते हैं।