पूर्वमंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने कहा है कि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव की मतगणना में उन्हें भ्रष्ट अधिकारियों ने चुनाव हरवाया था। उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ केआदेश से यह साफ हो गया है कि क्षेत्र की जनता ने मुझे विधायक चुना था, मगर भ्रष्ट अफसरों ने जबरन जनता की सेवा का हक मुझसे छीन लिया। अंबेडकर चौराहा स्थित सिटी पैलेस में बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रतापगढ़ के इतिहास में यह ऐतिहासिक फैसला है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से यह साबित हो गया है कि मेरे साथ अधिकारियों ने ज्यादती की थी। अब अगले विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता फैसला करेगी। जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। उन्होंने कहा कि पट्टी क्षेत्र की जनता ने मोती सिंह को अपना प्रतिनिधि चुना था और चुनाव में फिर चुनेगी। इस मौके पर रविप्रताप सिंह, केके सिंह, रामशिरोमणि शुक्ला, प्रमोद मौर्य, बलवंत सिंह, विनोद पांडेय आदि मौजूद रहे।