उदयपुर इलाके के कांटी दर्रा गांव में लगी आग से आठ घर जलने के बाद पीड़ित पर पेड़ों के नीचे रहने के लिए मजबूर हो गए हैं। पीड़ित परिवारों ने पेड़ों के नीचे अपना ठिकाना बना रखा है। उनकी मदद करने के बजाए तहसील प्रशासन लापरवाह बना है। सामान व रुपये जल जाने के कारण एक परिवार को बेटी का वरीक्षा का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। जिसके चलते लोग मायूस रहे।
उदयपुर थाना क्षेत्र के कांटी दर्रा गांव में शनिवार दोपहर सरपत में लगी आग भड़क उठी। चिंगारी देखते ही देखते शोला बन गई। चगारी जगदेव के छप्परनुमा घर पर जा गिरी। जिससे आग लग गई। आग ने विकराल रूप धारण कर कुंदन, अजय, जगदेव, कमलजीत, रामसिंह, इंद्रजीत, लालबहादुर व विजय के घरों को भी अपने आगोश में ले लिया।
कुंदन को अपनी बेटी कंचन के वरीछा के लिए रविवार को कानपुर जाना था। आग से जेवरात, सामान व रुपये जलकर राख हो गए। रुपये व सामान का बंदोबस्त न होने के कारण कुंदन ने वरीछा कार्यक्रम निरस्त करते हुए लड़के के घरवालों को सूचना भेज दी। अजय व जगदेव के घर रखी नकदी भी जलकर राख हो गई। अजय, कुंदन व कमलजीत के घर रखे गैस सिलेंडर फट गए थे।
रविवार होने के कारण अग्निकांड पीड़ित परिवारों को कोई मदद नहीं मिली। जिससे सभी परिवार पेड़ों के छांव में ठिकाना बनाने को मजबूर हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र और नवनिर्वाचित सांसद संगमलाल गुप्ता के भाई दिनेश गुप्ता ने पीड़ित परिवारों से मिलकर हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।