रविवार को खुला रहा कृषि कार्यालय, फीडिंग में झोंकी ताकत
दस जुलाई है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत डाटा फीड करने की अंतिम तिथि
जिले के 48,425 किसानों का अपडेट हुआ डाटा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के किसानों का डाटा फीड करने के लिए रविवार को डीडी कृषि कार्यालय खुला रहा। उपकृषि निदेशक डॉ. रघुनाथ सिंह की मौजूदगी में डाटा फीडिंग का कार्य तेजी से होता रहा। इधर, डाटा फीड करने में कर्मचारियों को पसीना आ गया है। शासन ने दस जुलाई को डाटा फीडिंग की अंतिम तिथि निर्धारित की है। विभाग का दावा है कि दो दिन में 48,425 किसानों का डाटा फीड किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का विस्तार करने और जमीन की सीमा समाप्त करने के बाद जिले में लाभार्थियों की संख्या बढ़ गई है। पूर्व में 3.80 किसानों का डाटा तैयार किया गया था, जो अब बढ़कर साढ़े पांच लाख होने की संभावना है। जिले के पांचों तहसीलों और निजी संस्थाओं में रात-दिन डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। योजना के नोडल अधिकारी उपकृषि निदेशक डॉ. रघुराज सिंह के देखरेख में रविवार को हुई फीडिंग कार्य चलता रहा। दूसरे शिफ्ट में तहसीलों के कंप्यूटर आपरेटरों को शाम पांच बजे से जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीडी कृषि सभी काउंटरों का निरीक्षण कर फीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं होने की हिदायत देते रहे। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में 48,425 नए किसानों के आवेदन फीड किए गए हैं। तहसीलों से जो संशोधन सूची आ रही है, उसमें दुरुस्त कराया जा रहा है।
संशोधन को लेकर लापरवाह बने हैं एसडीएम
जिले के 45,157 किसानों का डाटा में गड़बड़ी हो गई है। किसी का आधार नंबर और किसी का खाता नंबर गलत होने से उनके खाते में रुपये नहीं पहुंचे। इसे ठीक कराने के लिए सभी एसडीएम को संशोधित डाटा उपलब्ध कराने को कहा गया है। मगर एसडीएम नए आवेदन तो भेज रहे हैं, मगर संशोधित कराने के लिए डाटा देने में फेल हो गए हैं। जबकि सोमवार की शाम संशो धन को लेकर वीसी होनी है।
लेखपाल को खोज रहे हैं किसान
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की फीडिंग के लिए दस जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। मगर आलम यह है कि लेखपाल गांव में जा ही नहीं रहे हैं। ऐेसे में किसान लेखपालों को खोजते फिर रहे हैं, कि आवेदन किसके पास जमा करें। सदर तहसील के विसहुला, बंडाखुटार, पूरबगांव, अंतू देहात, बझान, गड़वारा, पूरेपरमेश्वर, जैतीपुर कठार, उपाध्यायपुर में लेखपालों के नहीं पहुंचने पर किसान बेहद परेशान रहे। आश्चर्य की बात है कि बगैर लेखपाल के हस्ताक्षर हुए किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलना है। हालांकि तहसील कर्मियों का दावा है िलेखपालों को प्रतिदिन गांव का चक्कर लगाने को कहा गया है।
सदर तहसील में पसरा रहा सन्नाटा
जिले की अन्य तहसीलों में जहां दिन-रात अफसरों की मौजूदगी में डाटा फी डिंग का कार्य चल रहा है, वहीं सदर तहसील में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर 12.13 का आलम यह रहा कि एसडीएम, तहसीलदार सभी नदारद रहे। फीडिंग रुप में बैठे कर्मचारी बतियाने में मस्त दिखे। जबकि पट्टी,कुंडा, रानीगंज और लालगंज में एसडीएम और तहसीलदार अपनी मौजूदगी में फीडिंग कराते रहे।