मुकदमे के विरोध में अधिवक्ताओं ने गेट बंद कर किया प्रदर्शन
एसडीएम कोर्ट से विरत रहे अधिवक्ता, एक मामले की सुनवाई के बाद बंद कर दी गई कोर्ट
कुंडा। अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे के विरोध में साथी वकीलों ने तहसील गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कोर्ट में बैठकर सुनवाई कर रहे एसडीएम से वकीलों की जमकर तकरार हुई। जानकारी होने पर बड़ी संख्या में पहुंचे अधिवक्ता नारेबाजी करने लगे। बाद में एसडीएम ने कोर्ट की सुनवाई रोक दी।
तहसील में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने एसडीएम को उनके चैंबर में बंधक बनाकर हंगामा काटा था। आरोप था कि इस दौरान उन्हें धमकाया भी गया। इसके चलते देर शाम उन्होंने कोतवाली में तहरीर देकर तीन नामजद व एक दर्जन अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बात की जानकारी होते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। बुधवार को तहसील में सुबह 10 बजे से अधिवक्ता इकट्ठे होने लगे। बवाल होने की आश्ंाका के चलते हथिगवां, मानिकपुर, कुंडा, नवाबगंज की फोर्स भी बुलाई गई थी। उधर एसडीएम सुबह कोर्ट में बैठ गए और वादों के निस्तारण की पुकार करानी शुरू कर दी। जानकारी होने पर भारी संख्या में अधिवक्ता एसडीएम न्यायालय में घुसकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि वहां बहस हुई तो एसडीएम ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट के डायरेक्शन के चलते मुकदमों में सुनवाई करते हुए उसका निस्तारण करना है। इसके लिए कोर्ट की सुनवाई होगी। इससे अधिवक्ता नाराज होकर बाहर चले गए और मुख्य गेट पर बैठकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इधर कोर्टरूम में रुके कुछ अधिवक्ताओं के कहने पर उन्होंने सुनवाई बंद कर दी। तीन बजे तक वह चैंबर में ही बैठे रहे। अधिवक्ता मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करते रहे। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने साथियों का समर्थन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम की कार्यशैली का विरोध करते हुए उन्हें भ्रष्ट आचरण करने का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं ने जहां साफ कहा है कि एसडीएम के ट्रांसफर होने तक प्रदर्शन किया जाता रहेगा और सभी न्यायालयों का बहिष्कार किया जाएगा। उधर एसडीएम का कहना है कि वह कोर्ट चलाएंगे। दबाव में कोई भी गलत कार्य नहीं करेंगे। कोर्ट में ही वाद लिया जाएगा और जरूरी होने पर स्थगन आदेश दिया जाएगा। कहा कि तमाम मुकदमे करके स्थगन आदेश ले लिया गया है। निस्तारण के लिए अधिवक्ता खड़े नहीं होते।
रात में बंगले पर बुलाकर मेडिकल कराने का हुआ विरोध
कुंडा। मंगलवार की रात में 10 बजे के बाद एसडीएम ने सीएचसी के चिकित्सकों को मेडिकल के लिए बंगले पर बुलाया था। इसकी जानकारी होने पर वहां कुछ अधिवक्ता पहुंच गए और इसका विरोध करना शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं के विरोध को देखते हुए चिकित्सक ने बंगले पर जाकर मेडिकल करने से मना कर दिया। देर रात तक सीएचसी में पुलिस भी मौजूद रही।
रजिस्ट्रार बार काउंसिल सहित कई जगह भेजी अधिवक्ताओं की शिकायत
कुंडा। एसडीएम ने अधिवक्ताओं के विरोध, गाली गलौज, पेपरवेट फेंककर मारने का प्रयास सहित अन्य मामलों की शिकायत बार काउंसिल के सचिव, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, कमिश्नर व डीएम एसपी को भेजी है। उन्होंने इसमें कहा है कि पूर्व में भी अधिवक्ताओं ने जाति सूचक शब्दों से गालियां देने के साथ ही उनके साथ अभद्रता की थी लेकिन इसे अनदेखा किया गया। मंगलवार को चैंबर में हुई घटना बर्दाश्त योग्य नहीं है।
कुंडा तहसील के मुख्य गेट पर एसडीएम के विरोध में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।- फोटो : PRATAPGARH