छात्रों ने जाम लगाकर किया प्रदर्शन
घटिया भोजन और किताबें नहीं मिलने से आक्रोशित थे छात्र
ढाई घंटे बाद खुला जेठवारा-मोहनगंज मार्ग, एसडीएम और बीएसए के आश्वासन पर माने छात्र
जेठवारा। आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय नारायनपुर में लूट-खसोट और किताबें नहीं मिलने से आक्रोशित छात्रों ने जेठवारा-मोहनगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। छात्रों का आरोप था कि स्कूल में घटिया भोजन दिया जा रहा है। अभी तक पुस्तकें नहीं बांटी गई हैं और शिक्षक पढ़ाने में मनमानी कर रहे हैं। प्रिंसिपल और शिक्षकों को हटाने की मांग को लेकर छात्रों ने ढाई घंटे तक जाम लगाए रखा। एसडीएम लालगंज और बीएसए ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय नारायनपुर के छात्रों ने लूट-खसोट का आरोप लगाते हुए घटिया भोजन परोसने, अभी तक पुस्तकें न बांटने और शिक्षकों पर गायब रहने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। सडक़ पर छात्रों ने ईंट रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसओ जेठवारा विनोद कुमार यादव ने डंडे के बल पर उन्हें हटाना चाहा, मगर सफलता नहीं मिलने पर अफसरों को जानकारी दी। लगभग ढाई घंटे बाद एसडीएम लालगंज विनीत उपाध्याय और बीएसए अशोक कुमार सिंह पहुंचे और छात्रों की समस्याएं सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। लगभग ढाई घंटे बाद जाम खत्म होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
पानी जैसी दाल, सब्जी में सिर्फ हल्दी आती है नजर
विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि खाने के लिए जो भोजन मिलता है, उसमें दाल पानी की तरह होती है। प्राय: बच्चों को मटर की दाल नहीं दी जाती है। सब्जी में सिर्फ हल्दी ही देखने को मिलती है। बच्चों का कहना था कि घटिया भोजन मिलने से वह बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं।
बच्चों के नेतृत्व में कमेटी का चयन किया गया है, जो प्रतिदिन हमें रिपोर्ट देगी। भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने और किताबें वितरित कराने के लिए समाज कल्याण अधिकारी को कहा गया है।
विनीत उपाध्याय, एसडीएम, लालगंज।
बच्चों की नाराजगी जो भी है, उसकी 22 अक्तूबर को जांच कराई जाएगी। चुनाव की व्यस्तता के कारण आज जांच नहीं हो पाई है। दोषी लोगों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।
राजीव कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।