पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद जेठवारा पुलिस ने जमकर तांडव मचाया। लोगों के घरों में जमकर तोड़फोड़ की और महिलाओं और बच्चों पर अपना गुस्सा उतारा। पुलिस और पब्लिक के बीच विवाद का जड़ लूट के आरोपी अनीस के भाई के घर में घुसने को लेकर होने की बात सामने आ रही है। लूट के आरोपी को पकडने के लिए थानाध्यक्ष ने एक दरोगा व दो सिपाहियों को भेजा था। जबकि बवाली गांव होने के कारण फोर्स अधिक भेजने की जरूरत थी। तांडव भी आरोपियों के घरों से अधिक दूसरे के घरों में मचाया गया।
जेठवारा थाना क्षेत्र के सरायमकई निवासी अनीस पुत्र रज्जाक को पकड़ने के लिए दरोगा अजय सिंह व दो सिपाही गए थे। गांव की महिलाओं का कहना है कि पुलिसकर्मी अनीस की तलाश में उसके भाई नसीम के घर में घुस गए। उस समय नसीम की बेटी नहा रही थी। पुलिस को देखते ही वह शोर मचाने लगी। जिसके बाद जुटे परिवार के लोगों के अलावा ग्रामीणों की पुलिस से तकरार होने लगी। पुलिसकर्मी सभी को अर्दब में लेते हुए गाली गलौज करने लगे। जिससे गुस्साए ग्रामीणों व अनीस के परिवार के लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। दरोगा के पैर में गंभीर चोट लगी थी। हाथ में लाठी डंडा लेकर पुलिसकर्मियों को दूर तक दौड़ाया। घटना की जानकारी के बाद जेठवारा एसओ मनीष पांडेय कई थानों की फोर्स के साथ सरायमकई पहुंचे। घायल दरोगा व सिपाहियों को अस्पताल भेजने के बाद प्रधान अयाज, मुस्तकीम, शफीक, शौकत, कासिम व बरकत के घर में कुर्सी, टीनशेड, जनरेटर, चारपाई, आलमारी समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने शैफुन निशा, सबरुन निशा, अरसलान को मारापीटा। घर तोड़ने के साथ ही जेवरात व रुपये भी उठा ले गए। गांव में खड़े ट्रकों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि पुलिस इन आरोपों से इनकार कर रही है।
गांव से भागे पुरुष
पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद बौखलाई पुलिस का तांडव देख पूरे गांव के पुरुष भाग निकले। गांव में बुजुर्गों व महिलाओं के अलावा कोई नहीं है। हर घरों पर पुलिस को महिलाएं ही मिलीं। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा रहा। पुरुषों की तलाश में पुलिस देर रात तक लोगों के घरों में दबिश देती रही।
एसओ को नहीं मालूम, चिह्नित लुटेरे पर दर्ज हैं कितने मुकदमे
जेठवारा थानाध्यक्ष मनीष पांडेय बार-बार सरायमकई के रहने वाले अनीस पुत्र रज्जाक को शातिर लुटेरा बता रहे थे। लेकिन उसके खिलाफ जेठवारा से लेकर दूसरे थानों में कितने लूट के मुकदमे दर्ज हैं, इसकी जानकारी उनको नहीं थी। बाद में उन्होंने उसके ऊपर जेठवारा थाने में आईपीसी की धारा मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी।
पुलिस वाहनों के हूटर से टूट रहा था गांव का सन्नाटा
जेठवारा थाना क्षेत्र के सरायमकई में चिह्नित लुटेरे अनीस को पकडने गई पुलिस पर ग्रामीणों व परिवार के लोगों ने हमला कर दिया। हमले में दरोगा अजय सिंह को चोटें आईं। सिपाहियों के घायल होने की बात बताई जा रही है। पुलिस पर हमले की खबर मिलने के बाद कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे एसओ जेठवारा ने आरोपियों की तलाश मेें तांडव मचाया। जिससे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव में पुलिस के वाहनों के हूटर और पुलिसकर्मियों की चहलकदमी ही सन्नाटे को तोड़ रही थी।
अनीस के भाई के घर में पुलिस के घुसने पर शुरू हुआ बवाल
जेठवारा थाना क्षेत्र के सरायमकई निवासी अनीस पुत्र रज्जाक को पकडने गई पुलिस उसके भाई नसीम के घर में घुस गई। जो बवाल का कारण बना। ग्रामीणों की मानें तो नसीम की बेटी नहा रही थी। पुलिस को देखते ही उसने शोर मचा दिया। जिसके बाद जुटे परिवार के लोगों के अलावा ग्रामीणों की पुलिस से तकरार होने लगी। देखते ही देखते लोग पुलिस पर हमलावर हो गए। बाद में भारी फोर्स पहुंची तो प्रधान अयाज, मुस्तकीम, शफीक, शौकत, कासिम व बरकत के घर में कुर्सी, टीनशेड, जनरेटर, चारपाई, आलमारी समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने शैफुन निशा, सबरुन निशा, अरसलान को मारापीटा। घर तोडने के साथ ही जेवरात व रुपये भी उठा ले गए। गांव में खड़े ट्रकों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि पुलिस इन आरोपों से इंकार कर रही है।
पेट्रोल पंप के बोर्ड में लगी आग, हडक़ंप
रखहा। पेट्रोल पंप के ग्लोसाइन बोर्ड में शार्ट सर्किट से आग लग गई। इससे नीचे खड़ी बस का टायर जल गया। कंधई थाना क्षेत्र के दीवानगंज बाजार स्थित पेट्रोल पंप के करीब ही ग्लोसाइन बोर्ड लगा हुआ है। गुरुवार की रात करीब आठ बजे शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। बोर्ड के नीचे खड़ी बस के टायर में भी आग लग गई। सूचना पर फायरब्रिगेड भी पहुंच गई और लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। आग लगने के बाद पेट्रोल पंप पर हडक़ंप मचा रहा। फिलहाल समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। अन्यथा बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता था। पेट्रोल पंप पर ही रूई से लदा ट्रक भी खड़ा था।
जमीन विवाद में चले लाठी-डंडे, 11 घायल
अजगरा। जमीन के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। जिसमे 11 लोग घायल हो गए। लालगंज कोतवाली के गाबी महुआबन निवासी मंसूर अहमद और रऊफ के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा है। गुरूवार को दोनों पक्षों के बीच विवादित जमीन को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते उनके बीच लाठी डंडे व कुल्हाड़ी चली। शोर शराबा सुनकर गांव के लोग बीच-बचाव करने पहुंचे। मशक्कत के बाद ग्रामीण मारपीट बंद करा सके। तब तक एक पक्ष से मंसूर अहमद (45), अनवर (35), हबीब (42), गुलफाम (25) और शकील (19) और दूसरे पक्ष से मोहम्मद रऊफ (48), आमिर (22), सोनू (15), शाहिद (25), मोनू (17), मुन्नी (26) घायल हो गईं। सभी को पहले लालगंज सीएचसी ले जाया गया। वहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।