आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी देने की मांग पर अड़े थे परिजन
- कंधई के वारीखुर्द गांव में पड़ोसियों की पिटाई से घायल युवक की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पट्टी। कंधई के वारीखुर्द गांव में पड़ोसियों की पिटाई से जान गंवाने वाले युवक का शव 32 घंटे बाद बुधवार को उसके ही घर के पीछे दफनाया गया। तब पुलिस ने राहत की सांस ली। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
वारीखुर्द गांव निवासी लालजी वर्मा को पड़ोसियों ने घर में कुत्ता जाने के विवाद में शनिवार की रात मारपीट कर घायल कर दिया था। उपचार के दौरान प्रयागराज स्थित एसआरएन अस्पताल में सोमवार की रात उसकी मौत हो गई थी। परिजन मंगलवार की सुबह शव लेकर घर पहुंचे। जवान बेटे की मौत से आक्रोशित परिजन घर के सामने ही लालजी का शव रखकर धरना देने लगे।
मृतक लालजी के परिजन दस लाख की आर्थिक सहायता, हत्या का मुकदमा दर्ज करने, परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी देने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम देशदीपक सिंह व सीओ पट्टी दिलीप सिंह ने सभी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। रात में सपा कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने इस मामले में पहले से दर्ज मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी। जिलाधिकारी के आदेश पर रात में ही शव का पोस्टमार्टम हुआ। बुधवार की भोर में परिजन शव लेकर घर पहुंचे और फिर धरना देने लगे। वे सभी मांगों को पूरा करने की जिद कर रहे थे। पुलिस के काफी समझाने पर बुधवार शाम नाराज लोग किसी तरह माने। शाम करीब पांच घर के पीछे शव दफनाया गया।
कंधई थानाध्यक्ष धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि आरोपी नीतीश व आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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सिर में चोट से हुई थी लालजी की मौत
कंधई के वारीखुर्द निवासी लालजी वर्मा की मौत सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई थी। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान उसके सिर में गहरी चोट के निशान मिले हैं। रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया है। हालांकि पुलिस पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।