एसडीएम व नायब तहसीलदार की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करते हुए सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते तहसील से लेकर राजमार्ग तक गहमागहमी का माहौल रहा। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विकास मिश्र की अगुवाई में अधिवक्ताओं का हुजूम एसडीएम विनीत उपाध्याय व नायब बृजमोहन शुक्ल पर मनमानी व अधिवक्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में नारेबाजी करने लगा।
अफसरों पर अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता नारेबाजी करते एसडीएम कोर्ट के सामने पहुंचे। अधिवक्ताओं के हंगामे व नारेबाजी के चलते एसडीएम चैंबर से बाहर चले गए। संयुक्त अधिवक्ता संघ की ओर से जिलाधिकारी के नाम नौ सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन भेजा गया। अधिवक्ताओं का हुजूम यहां से नारेबाजी करते हुए अचानक लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर पहुंच गया। हाइवे पर खड़े होकर अधिवक्ताओं की नारेबाजी से कुछ देर तक अफरातफरी मच गई।
वाहनों को आवागमन भी बाधित हो गया। इसके बाद अधिवक्ताओं की आम सभा तहसील परिसर में आयोजित हुई। यहां वक्ताओं ने दो टूक कहा कि तीन दिन के भीतर एसडीएम व नायब के रवैए में बदलाव नहीं आया तो अफसरों को तहसील परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री आशीष तिवारी व संयोजन उपाध्यक्ष राजेश सरोज ने किया। इस मौके पर टीपी यादव, ज्ञानप्रकाश शुक्ल, देवी प्रसाद शुक्ल, हरिशंकर द्विवेदी, राव वीरेंद्र सिंह, लाल राजेंद्र सिंह, अजय शुक्ल, दिनेश मिश्र, अनिल तिवारी, दिनेश सिंह, संदीप सिंह, प्रमोद सिंह, अनूप पांडेय, शिवनारायन शुक्ल, इरफान, शहजाद अंसारी, संजय सिंह, दीपेंद्र तिवारी, संतोष सिंह, शैलेंद्र शुक्ला, राकेश शुक्ला, शेष तिवारी आदि मौजूद रहे।