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जिला अस्पताल में रैंप का निर्माण नहीं होने पर जेई को प्रतिकूल प्रवृष्टि

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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते कमिश्नर आशीष गोयल। - फोटो : PRATAPGARH
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मंडलायुक्त और जिले के नोडल प्रभारी डॉ. आशीष गोयल ने दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत पहले दिन सोमवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। खामियां देखकर सीएमएस और सीएमओ को फटकार लगाई। मुख्य द्वार पर बने रैंप की गुणवत्ता ठीक नहीं होने पर अवर अभियंता आरएन सिंह पर नाराजगी प्रकट करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा है। कमिश्नर के निरीक्षण के चलते मरीजों और तीमारदारों के अंदर घुसने पर रोक लगा दी गई थी।
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सोमवार को सुबह 11 बजे लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में पहुंचे मंडलायुक्त की अगवानी डीएम मार्कण्डेय शाही, एडीएम शत्रोहन वैश्य और सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने किया। डाकबंगले में अफसरों के साथ गुफ्तगू करने के बाद वह जिला पुरुष अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में पानी की सप्लाई के लिए वाटर टैंक स्थापित करने को कहा।
साफ-सफाई पर्याप्त नहीं होने पर नाराजगी प्रकट करते हुए सीएमएम डॉ. पीपी पांडेय और सीएमओ डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव को हिदायत दी कि अस्पताल चलाने की जिम्मेदारी उनकी है। सदर तहसील पहुंचने पर एसडीएम सदर से सफाई पर ध्यान केंद्रित करते हुए बेहतर व्यवस्था करने को कहा। शिकायतों को समय से निस्तारित करने का निर्देश दिया। सदर तहसील से सटे नगर कोतवाली में निरीक्षण के लिए व्यापक तैयारी हुई थी, मगर मंडलायुक्त तहसील से ही लौट गए।
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नरम रहे कमिश्नर के तेवर
सोमवार को निरीक्षण के दौरान अधिकांश समय तक कमिश्रर के तेवर नरम ही रहे। अपने पिछले दौरे में वह बेहद कडक़ नजर आए थे। नवंबर माह के निरीक्षण में वह कमियां देखकर अफसरों पर टूट पड़ते थे, मगर इस बार जिले के अफसरों पर मेहरबान दिखे।
अलर्ट रहे विकास भवन के कर्मचारी
जिले में मंडलायुक्त के मौजूद होने से विकास भवन के कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट दिखे। मंडलायुक्त की गतिविधियों की जानकारी फोन से लेते रहे। जब मानधाता के सहेरूवा जाने की जानकारी हुई तो कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
आज भी जिले में रहेंगे मंडलायुक्त
मंडलायुक्त मंगलवार को जिले में मौजूद रहेंगे। वह विभागीय अफसरों के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ ही पुलिस अफसरों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
आपूर्ति विभाग की खुली पोल, कार्ड बनाने, काटने का खेल हुआ उजागर
डीएसओ कार्यालय में कार्ड बनाने और काटने के खेल का खुलासा मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल के सामने ग्रामीणों ने किया। केदारनाथ, चंद्रावती ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके अंत्योदय कार्ड को काटकर दूसरे लोगों को दे दिया गया है। मंडलायुक्त ने पात्र व्यक्तियों के नाम काटने और अपात्रों का नाम जोडने पर पूर्व सप्लाई इंसपेक्टर राजेश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने डीएसओ से पूरे मामले की जांच कर दोषियों को दंडित करने को कहा है।
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