पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार राहुल कुमार ने पुलिस पूछताछ में कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसका इरादा पिता रामनरेश की हत्या करने का नहीं था, बल्कि पैरों में गोली मारकर उन्हें घायल करने का था।
योजना थी कि वह उन्हें अस्पताल ले जाकर सेवा करेगा और विश्वास जीतकर जमीन बिक्री से मिले रुपये पर अधिकार हासिल कर लेगा।
15 जून को छित्तूपुर मजरा कैनी निवासी रामनरेश, जो जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत थे, बेटे राहुल के साथ बाइक से ड्यूटी जा रहे थे। रास्ते में राहुल ने बाइक रुकवाने के लिए कहा। जैसे ही रामनरेश ने बाइक धीमी की, राहुल ने तमंचे से गोली चलाई और व कमर को छूते हुए निकल गई। लेकिन, उन्हें कमर में गोली की घाव का एहसास नहीं हुआ। गोली की आवाज सुनकर रामनरेश ने बाइक रोक दी और खराबी की आशंका में इधर-उधर देखने लगे। तभी पीछे मुड़कर देखा तो राहुल हाथ में तमंचा लिए खड़ा था।
सूत्रों के अनुसार, पिता को सामने देखकर राहुल घबरा गया और बिना संभले दूसरी गोली चला दी, जो सीधे रामनरेश के सीने में जा लगी। घायल पिता ने बेटे को बाइक लेकर भागने से रोकने की कोशिश की और दोनों हाथों से बाइक पकड़ ली। इसी बीच राहगीर मौके पर पहुंचने लगे तो राहुल तमंचा लहराते हुए लोगों को डराकर वहां से भाग निकला।
पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने योजना बनाई थी कि पैर में गोली लगने के बाद वह पिता को अस्पताल पहुंचाकर उनकी सेवा करेगा और विश्वास में लेकर उनके पास मौजूद रुपये हासिल कर लेगा, लेकिन दूसरी गोली लगने के बाद वह घबरा गया और फरार हो गया।
वहीं रविवार को मंझनपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने आरोपी को हाजीपुर-पतौना रोड स्थित इलियास की प्लाटिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया।