भुपियामऊ पुलिस चौकी के करीब हुई दुर्घटना में घायलों की चीख पुकार से जिला अस्पताल की इमरजेंसी में कोहराम मचा रहा। इससे बेखबर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अपने आवास में बैठे रहे। डॉक्टरों की लापरवाही पर लोगों के साथ पुलिस का गुस्सा फूटा तो सीएमएस इमरजेंसी पहुंचे और डॉक्टरों व स्वास्थकर्मियों को बुलाकर इलाज कराने लगे।
इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर पूरे बाछिल गांव के करीब सामने हुए हादसे में घायलों को लेकर लोग जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासन व्यवस्था में जुट गया। इतनी बड़ी घटना की स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को भनक तक नहीं लगी। सीएमओ और सीएमएस अनजान बने रहे। परिणामस्वरूप घायलों के इलाज में विलंब होता रहा। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी एक साथ इतने घायल मरीजों का इलाज नहीं कर सकते थे।
करीब आधे घंटे तक अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज दर्द से कराहते रहे लेकिन उनका इलाज नहीं हो रहा था। गंभीर रूप से घायल खलासी साहिल की हालत लोगों से देखी न गई तो पब्लिक और दरोगा केपी सिंह सीएमएस की खोजबीन करने लगे। इस बीच लोगों के आक्रोश की खबर मिलने पर सीएमएस भागकर पहुंचे और दूसरे डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को बुलाकर घायलों का इलाज कराने लगे। लोगों की नाराजगी देख सीएमएस डॉ. एसी त्रिपाठी डाक्टरों के पुलिस लाइन मेडिकल में जाने का बहाना बताने लगे जबकि ओपीडी से लेकर ओटी तक डाक्टर और स्टाफ मौजूद थे।