राशनकार्ड बांटने में फेल हुए विभाग ने की तैयारी
उपभोक्ता किसी भी दुकानदार से ले सकेंगे राशन
प्रतापगढ़। जिले के 6.80 लाख परिवारों को राशनकार्ड बांटने में फेल आपूर्ति विभाग अब स्मार्ट कार्ड देने की तैयारी कर रहा है। इस कार्ड से फायदा यह होगा कि ग्राहक किसी भी दुकानदार से राशन प्राप्त कर सकेंगे। विभाग की इस पहल से कोटेदार उपभोक्ताओं का राशन खुले बाजार में नहीं बेच पाएंगे।
जिले के उपभोक्ताओं के हिस्से का राशन बेचकर जेब भरने वाले कोटेदारों पर शिकंजा कसने की नई पहल हुई है। अब शहर और गांव के कोटेदारों से राशन लेना उपभोक्ताओं की मजबूरी नहीं होगी। अगर कोई उपभोक्ता अपने कोटेदार से संतुष्ट नहीं है, तो वह निकट की दूसरी दुकान से राशन प्राप्त कर सकेगा। अगूंठा लगाकर राशन बांटने में भी दुकानदार खेल कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी प्रत्येक माह में एक दिन बगैर अंगूठा लगवाए ही राशन वितरण की छूट देते हैं।
जिसका लाभ उठाते हुए कोटेदार उपभोक्ता के हिस्से का राशन हजम कर लेते हैं। उपभोक्ताओं के हिस्से का राशन लाभार्थी को मिले, इसके लिए आपूर्ति विभाग अब राशनकार्ड के स्थान पर स्मार्ट कार्ड जारी करने का फैसला लिया है। हालांकि जिले का आलम यह है कि अधिकांश उपभोक्ताओं को अभी तक राशनकार्ड नहीं मिले हैं। फिलहाल विभाग की जो तैयारी है, उससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। जिले के 5.80 लाख उपभोक्ता ऐेसे हैं, जिन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत राशन दिया जाता है।
अगूंठा लगाने के बाद भी नहीं दिया जाता राशन
अगूंठा लगाने में भी कोटेदार खेल कर रहे हैं। अधिकांश मामले ऐेसे सामने आए हैं कि अंगूठा लगाने के बाद भी लाभार्थी को राशन नहीं दिया जाता है। दरअसल में कोटेदार पहले लाभार्थी से अंगूठा लगवाते हैं और बाद में राशन देेते हैं। इससे कभी-कभी कोटेदार यह कहकर वापस कर देते हैं कि मशीन ने आपका अंगूठा लिया ही नहीं है। इससे अगले माह राशन मिलेगा।
बिना फिंगर प्रिंट राशन देने की मिली छूट
जिलेे के कोटेदारों को बुधवार को बगैर अगूंठा लगाए ही राशन बांटने की छूट दी गई है। जिस उपभोक्ता का अगूंठा मशीन नहीं ले रही है, उसे कोटेदार राशन बांट सकेंगे।
जिले के जो लाभार्थी चिह्नित हैं, उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्हीं लाभार्थियों को स्मार्ट कार्ड भी दिए जाएंगे। अगर कोई कोटेदार राशन बांटने में गड़बड़ी कर रहा है, तो इसकी शिकायत विभाग में अवश्य करें। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
रुचि सिंघल, एआरओ और प्रभारी डीएसओ