मानिकपुर स्थित धाम में मां ज्वाला देवी की दिव्या प्रतिमा। संवाद
नवरात्र पर रविवार को पौराणिक देवी धामों व मंदिरों में मैया की पूजा की गई। नारियल, चुनरी, मिष्ठान, फूल माला आदि अर्पित कर भक्तों ने मन्नतें मांगीं। जगह-जगह कन्या पूजन हुआ। सुबह से लेकर देर शाम तक मैया के जयकारे लगते रहे।
मां बेल्हा देवी धाम में सुबह पांच से देर रात तक दर्शन-पूजन होता रहा। प्रवेश द्वार से गर्भगृह तक लंबी कतार लगी रही। मानिकपुर स्थित मां ज्वाला देवी धाम में भी भक्तों ने दर्शन- पूजन किया। भक्तों ने पहले घाट पर जाकर गंगा स्नान किया। फिर पूजा की। इसी तरह मां वाराही देवी धाम, मां प्रतापवासिनी धाम पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया।
बलीपुर मंदिर के पुजारी आचार्य आलोक ऋषिवंश ने बताया कि ऋषिकेश महाद्वीप पंचांग के अनुसार, शनिवार को शाम में 5: 53 बजे से अष्टमी लग गई है। जो सोमवार सुबह 7: 53 बजे तक रहेगी। सोमवार को नवमी भी है। नौ दिनों के व्रत का अनुष्ठान रखने वाले भक्त सोमवार को हवन करेंगे। कन्या भोजन कराएंगे। मंगलवार को दशमी के प्रथम चरण में सुबह आठ से 10 बजे तक पारण करेंगे। संवाद
पखारे कन्याओं के पैर, उतारी आरती
हादीहाल में शनिवार की देर रात कन्याभोज व डांडिया कार्यक्रम हुआ। कन्याओं का पैर-पखार उनका पूजन-अर्चन कर उन्हें हलवा-पूड़ी का प्रसाद अर्पित किया। बाबागंज ब्लॉक में स्थित मां भद्रकाली धाम में कन्याभोज का आयोजन किया गया। भोजन के बाद कन्याओं को फल और दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लिया गया। इस अवसर पर मंदिर के अध्यक्ष रामचंद्र पांडेय ‘रामू’, मूलचंद्र सेठ, देशराज पांडेय, अरविंद शुक्ल, अमित मिश्र आजाद, प्रबंधक छोटेलाल यादव, शशांक पांडेय, आदर्श शुक्ल मौजूद रहे।
मानिकपुर स्थित धाम में मां ज्वाला देवी की दिव्या प्रतिमा। संवाद
मानिकपुर स्थित धाम में मां ज्वाला देवी की दिव्या प्रतिमा। संवाद