प्रतापगढ़। जिला अस्पताल की ओपीडी के कक्ष संख्या छह व पांच में लिखी जा रही बाहर की दवाओं की मोबाइल क्लिपिंग बना रहे युवक को ड्रग माफिया ने पीट दिया। युवक का मोबाइल तोड़ डाला। किसी तरह भाग कर युवक जान बचाई। सरकार ने सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस व बाहरी दवाओं के लिखने पर पाबंदी लगा रखी है। जिला अस्पताल के डॉक्टर शासन के आदेश बेखौफ धज्जियां उड़ा रहे हैं। अस्पताल के पास-पास मेडिकल स्टोर के कई संचालकों ने कुछ डॉक्टरों से कमीशन सेट कर रखे हैं। ऐसे डॉक्टरों से बाहर की दवा मरीजों को लिखवाते हैं। ड्रग माफिया मेडिकल स्टोर संचालक डॉक्टर के पास अपना एक कर्मचारी बैठा देते हैं। वह अस्पताल खुलने से लेकर बंद होने तक लिखी जाने वाली पर नजर रखता है। दोपहर के वक्त ओपीडी में डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे थे। यह देख एक युवक मोबाइल से क्लिपिंग बनाने लगा। कर्मचारी की सूचना पर मेडिकल स्टोर संचालक ने कुछ लोगों को भेज दिया। उन लोगों ने युवक को पीटने के साथ उसका मोबाइल तोड़ डाला। युवक ने भागकर किसी तरह जान बचाई। मीडिया कर्मी पहुंचे तो पिटा युवक नहीं मिला। डॉक्टर के पास बैठ दवा लिखवा रहे सदस्यों की तस्वीर खिंचने लगी तो उनमें भगदड़ मच गई। कक्ष संख्या छह के फिजीशियन डॉ. आरडी द्विवेदी ने कहा कि उनके कक्ष में ऐसी कोई बात नहीं थी। भीड़ अधिक होने के कारण वे मरीजों को देखने में व्यस्त थे।
सीएमएस डॉ एसी त्रिपाठी ने बताया कि ओपीडी में डॉक्टर के पास अब कोई नहीं बैठता। मारपीट या बाहर की दवा लिखने जैसी जानकारी नहीं थी। ऐसा है तो इस बात की भी जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।