रानीगंज। लच्छीपुर में मिजिल्स यानी खसरा से पीड़ित एक युवक की शुक्रवार रात मौत हो गई। गांव में करीब आधा दर्जन लोग अब भी पीड़ित हैं। बीमारी को देवी मान परिजन पूजापाठ में जुटे हैं। स्वास्थ्य विभाग उसकी मौत को रिएक्शन की आशंका जता रहा है।
लच्छीपुर निवासी संतोष कुमार (30) की पत्नी प्रीती तिवारी सबसे पहले खसरा की चपेट में आई। दो दिन बाद संतोष भी रोग की गिरफ्त में आ गया। अंधविश्वास के चलते इलाज की जगह घर में पूजापाठ की जाने लगी। बताते हैं कि दोनों के बदन पर दाने निकल आए थे। शुक्रवार रात संतोष को परेशानी बढ़ गई और उसके बदन में जलन होने लगी। रात में उसकी मौत हो गई। संतोष का छोटा भाई महेन्द्र (25), पुत्री प्रिंसी (12), शालू (10), पुत्र रुद्र (6) समेत पड़ोस के भी कई घरों में लोग खसरे से पीड़ित हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह जानकारी गांव की एएनएम को दी थी, लेकिन उसने कुछ नहीं किया। संतोष की मौत के बाद पीड़ित परिवारों में दहशत है। लोगों ने देवी को खुश करने के लिए पूजा पाठ तेज कर दिया है।
मिजिल्स बच्चों की बीमारी है। यह 30 वर्ष की उम्र वालों को नहीं होती। उसकी मौत का कारण कुछ और होगा। यह जांच के बाद ही पता चल सकता है। हालांकि इस बात की जानकारी नहीं थी। गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जा रही है।
-डॉ. मनीष मौर्या, सीएचसी रानीगंज अधीक्षक
पीड़ितों में जो लक्षण बताया जा रहा है वह मिजिल्स यानी खसरा है। यह रोग युवाओं में नहीं होता। यदि वे बीमार हैं तो परिजनों को अस्पताल में लाकर इलाज कराना चाहिए था। युवक की मौत रिएक्शन से हुई होगी। रिएक्शन कैसा था बिना जांच यह कह पाना मुश्किल है।
-डॉ. वीके पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी