प्रतापगढ़। गुरुवार को सुबह के 9 बज रहे हैं। कांग्रेस की लोकसभा प्रत्याशी व सांसद रत्ना सिंह के कार्यालय में समर्थक पहुंच चुके हैं। डाकखाने के सामने बने द्वार पर दर्जनों लक्जरी वाहन खड़े हैं। मुख्य गेट की सीढ़ियों से कार्यालय में आवाजाही बनी है। सबसे किनारे रसोई में समर्थकों और प्रचार टोली के लिए खाना पक रहा है। एक कमरे में खाना खिलाने के लिए कुर्सी मेज लगी है। 9 बजकर 10 मिनट पर कुछ और लोग पहुंच जाते हैं।
दूसरे तल पर स्थित कार्यालय के बरामदे में कोई बैठा है तो कुछ खड़े-खड़े राजनीतिक चर्चा में व्यस्त हैं। समर्थक संजय सिंह काफी व्यस्त हैं। कुछ समर्थकों के हाथ में डायरी कलम है। वे लोगों से बात कर कुछ नोट कर रहे हैं। जमुआ मानधाता के पवन सिंह, बरईपुर के मुन्ना सिंह, बिकनापुर के बाबूलाल चौरसिया व मोहनगंज के इंद्रजीत सिंह प्रचार पर निकलने की चर्चा कर रहे हैं। सभी सांसद के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। कार्यालय के लोग बताते हैं कि पूजा खत्म होने वाली है, जल्दी ही सांसद बाहर आएंगी। इसी दौरान रत्ना सिंह बाहर आती हैं और प्रचारक उन्हें घेर लेते हैं। सभी अपनी-अपनी समस्याएं बता रहे हैं। सबकी बात सुनकर वह कुछ निर्देश देती हैं। 9.20 पर वह फिर कमरे में चली गईं। अचानक 20-25 लोग कार्यालय पहुंचे। सभी सांसद को खोज रहे हैं। 9.30 पर सांसद रत्ना सिंह के पुत्र भुवन्यु कार्यालय पहुंचे। मौजूद लोगों ने उनका अभिवादन किया और अपनी-अपनी बात बताने लगे। करीब 9.50 बजे तक वह सब को सुनते रहे। भुवन्यु के इशारे पर एक व्यक्ति डायरी में लोगों की बातें दर्ज करता है। अचानक वे अगे बढ़े और बरामदे में लगी मेज के सामने बैठ गए। अन्य लोग भी कुर्सियों पर बैठ गए। इसी दौरान किसी ने बताया कि ‘अमर उजाला’ वाले आए हैं। भुवन्यु आगे बढ़कर सभी का हालचाल पूछते हैं फिर चुनाव संबंधी तैयारियों और व्यस्तता की चर्चा करने लगते हैं। शहर में कांग्रेस की सभा है, उसकी तैयारी को लेकर काफी व्यस्त हैं। सभी को सभा सफल बनाने व चुनाव प्रचार की नीति समझा रहे हैं। इसी दौरान कुछ लोग उन्हें अपने क्षेत्र में प्रचार के लिए आने को कहते हैं। अब 10 बजकर 20 मिनट हो रहे हैं। कुछ समर्थकों ने उनका नंबर नोट किया। कुर्सी मेज पर बैठ कर कौशाम्बी के अब्दुल जब्बार, डॉ. मुब्बन सहित जिले के भी कुछ लोग खाना खा रहे हैं। कौशाम्बी के लोगों ने खुद को सिराथू के फरीद सेठ संग आया बताया। भुवन्यु को देख खाना खा रहे मो. इस्माइल उठ कर नमस्ते करने लगे। उन्होंने कहा, चाहें कोई भी आए कभी भी थाली छोड़ कर मत उठना। तब तक पहुंच चुके अन्य लोगों से मिलने के लिए वे बाहर आए और बात कर कुछ समझाया।
भुवन्यू सबसे मिलने के बाद कंप्यूटर कक्ष में जाकर बैठ गए। एक व्यक्ति ने बताया कोई शमशाद चाचा आए हैं वे परेशान दिख रहे हैं। उसे बुलवा लिया। बुजुर्ग जैसे ही अंदर पहुंचे भुवन्यु बोले बताओ चचा। यह सुनते ही फफक पड़ा। उन्होंने उसे ढांढस बंधाने के बाद ठंडा पिलाया। समस्या सुन बोले चचा आप को और पहले आना था। अभी चुनाव है, खैर हम आपकी मदद करेंगे। उन्होंने कार्यालय के एक व्यक्ति को मदद का निर्देश दिया।