प्रांतीय आह्वान पर व्यापारियों ने पूरे जिले में धरना प्रदर्शन किया। इसमें फूड एक्ट का विरोध करते हुए नारेबाजी की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम, तहसीलदार व शहर में एडीएम को सौंपा गया।
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए खाद्य सुरक्षा अधिनियम व मानक अधिनियम के विरोध में पूरे जिले के व्यापारियों ने तहसीलों कस्बों और शहर में धरना प्रदर्शन किया। शहर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष मनजीत सिंह छाबड़ा, जिला महामंत्री राजेंद्र कुमार केसरवानी, नगर अध्यक्ष अमर कुमार केसरवानी, नगर महामंत्री मंजीत सिंह गोविंद के साथ सैकड़ों व्यापारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। अवकाश के बाद भी कर्मचारियों ने कहचरी में प्रदर्शन किया और एडीएम पुनीत कुमार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में अधिनियम में लाइसेंस की अंतिम तिथि एक वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2015 किए जाने, कानून को तीन श्रेणियों में विभक्त किए जाने, लाइसेंस फीस कम किए जाने, लाइसेंस न होने की दशा में विलंब शुल्क 100 रुपये के स्थान पर 10 किए जाने, इसमें पुलिस एवं प्रशासन का हस्तक्षेप समाप्त किए जाने, सजा समाप्त कर सिर्फ जुर्माना लगाए जाने की मांग शामिल रही। उधर मुख्यमंत्री से इस अधिनियम में पर्याप्त सुधार किए जाने तक इसे लागू न करने, वाणिज्य कर में नया पंजीयन कराने के लिए पूर्व जमानत की व्यवस्था समाप्त किए जाने, सेल्फ एसेसमेंट करने पर नोटिस न भेजने, रजिस्टर्ड व्यापारियों पर 40 प्रतिशत जुर्माने के बजाए टैक्स दोगुना करने, दुर्घटना बीमा की राशि 10 लाख किए जाने, वैट में पंजीकृत व्यापारियों को पेंशन देने, औद्योगिक नगरों में 24 घंटे बिजली किए जाने, 12 गुना गृहकर वापस लिए जाने, कानून व्यवस्था दुरुस्त कर व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस दिए जाने व पापुलर और यूकेलिप्टस को किसान की खेती समझकर उसे काटने और लाने ले जाने का प्रतिबंध समाप्त करने की मांग की।