प्रतापगढ़। पितृपक्ष में रेलवे की आय घट गई है। हर तरफ सन्नाटा है। हमेशा लोगों की भीड़ से भरा रहने वाला स्टेशन खाली नजर आ रहा है। ढाई लाख प्रतिदिन की आमदनी करने वाला आरक्षण कार्यालय महज 50 से 80 हजार रुपये कलेक्शन कर पा रहा है।
रूटीन की ट्रेनों को छोड़ दिया जाए तो बाकी ट्रेनें खाली चल रही हैं। यही नहीं प्लेटफार्म से लेकर आरक्षण काउंटर तक में पितृपक्ष का असर है। मंडल में अर्निंग के मामले में तीसरे नंबर का स्टेशन माना जाता है। हर दिन यहां सिर्फ आरक्षण काउंटर से ढाई लाख रुपये के टिकट बनते हैं। सीजन में तो यह आंकड़ा तीन लाख के पार पहुंच जाता है। दो दिनों से स्थिति यह है कि काउंटर पर महज दो तीन लोग ही दिखते हैं। अर्निंग भी महज 50 हजार से 80 हजार तक सिमट गई है। सीआरएस भाईलाल बताते हैं कि यह साल का सबसे कम अर्निंग वाला समय होता है। इन दिनों लोग कहीं आने जाने से परहेज करते हैं। यह अलग बात है कि बाद में जाने के लिए कुछ लोग ट्रेनों में टिकट आरक्षित करा रहे हैं। उधर साधारण टिकट काउंटर का भी यही हाल है। हर दिन पद्मावत के लिए लगने वाली भीड़ में भारी कमी आई है। यही नहीं मंगलवार और गुरुवार की रात में जाने वाली उद्योगनगरी के लिए लगने वाली लाइन भी छोटी नजर आ रही है।