प्रतापगढ़। बकुलाही को प्राकृतिक धारा पाने के लिए तमाम कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है। प्रशासन ने इसे प्राकृतिक स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रयास करना शुरू किया तो एक नई समस्या सामने आ गई है। अभी तक गेल इंडिया पाइप लाइन की समस्या से जूझ रही नदी को गौरा ग्राम सभा में नक्शे से ही गायब कर दिया गया है। इसे फिर से नक्शे में लाने के लिए अफसरों को जमीन के साथ ही कागजों पर भी मेहनत करनी पड़ेगी।
बकुलाही के उद्धार को अभी भी भगीरथ प्रयास की जरूरत है। उसके रास्ते में कांटे ही कांटे नजर आ रहे हैं। नदी पहले तो गेल इंडिया पाइप लाइन की समस्या से जूझती रही। यह मामला सुलझा तो प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हो गई। अब किसी प्रकार से मामला पटरी पर आया तो पता लगा कि गौरा ग्राम सभा के नक्शे में नदी को खत्म कर दिया गया है। 25 सालों से नदी के न बहने का असर रहा कि जमीन के साथ ही कागज पर भी इसके निशान गायब हो गए हैं। दो दिन बाद प्रशासन के सहयोग से ग्राम पंचायत के धन मनरेगा के माध्यम से इसकी खोदाई शुरू होनी है। अब अफसर इसे कागज पर लाने के लिए फसली वर्ष 1359 की तलाश कर रहे हैं। इस फसली वर्ष के जरिए नदी की चौड़ाई देखी जाएगी। इसके बाद इसे नए नक्शे में दर्ज किया जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग की रिपोर्ट भी मांगी जा रही है। हालांकि इसे खत्म करने वालों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए थी लेकिन प्रशासन सकारात्मक रुख अपनाते हुए नदी को अब पुरानी धारा में लाने को प्रतिबद्ध दिख रहा है। सिंचाई खंड-दो के एक्सईएन डीके अग्रवाल बताते हैं कि बकुलाही नदी को फिर से नक्शे में लाया जाएगा।
विदेश मंत्री दिनेश सिंह व ग्रामीणों के दबाव में सिंचाई विभाग ने 25 साल पहले लूप कटिंग कर दी थी। मगर उसके अभिलेखों में आज भी इसे गलत माना जाता है। यही कारण है कि इस कार्य में सिंचाई विभाग की सक्रियता कुछ ज्यादा है। वह नदी की खोदाई और इसमें बनाए जाने वाले डैम की भी जिम्मेदारी ले चुका है। यही नहीं नदी को पुरानी धारा में वापस लाने और खेतों को हरा भरा बनाने की मुहिम में पूरा साथ दे रहा है।
बकुलाही को पुरानी धारा में लाने के लिए ग्राम पंचायत पूरे तोरई और बाबूपुर में काम शुरू हो गया है। दोनों ग्राम सभाओं में मनरेगा के तहत लगभग 100 मजदूरों से खोदाई कराई जाने लगी है। यही नहीं 20 जून से यह काम रफ्तार पकड़ लेगा। 20 जून को सीडीओ रामअरज इस काम में तेजी लाने के लिए मौके पर पहुंचकर हरी झंडी देंगे। इसके साथ ही पूरे तोरई और बाबूपुर के साथ ही 18 किमी के बीच में आने वाली ग्राम सभाओं में एक साथ मजदूर खोदाई करना शुरू कर देंगे।
बकुलाही पुनरुद्धार समिति के महासचिव समाज शेखर का कहना है कि बकुलाही खोदाई का औपचारिक काम शुरू हो गया है। 20 को सीडीओ अपनी देखरेख में हर गांव में शुरू कराएंगे। प्रशासन के हस्तक्षेप से बकुलाही को पुनर्जीवन व ग्रामीणों को पानी मिल सकेगा।