प्रतापगढ़। जिले के 24 हजार आवेदकों के भत्ते पर संकट मंडरा रहा है। फीडिंग के दौरान आपरेटरों की लापरवाही से हुई गलतियों का खामियाजा भत्ता आवेदकों को भुगतना पड़ सकता है। लखनऊ भेजी गई फीडिंग और फार्म का मिलान न हो पाने के कारण डायरेक्टर ने सेवायोजन अधिकारी को इसका तत्काल निस्तारण करके फीडिंग दुरुस्त कराने का निर्देश दिया है। मिलान होने के कारण ही शुक्रवार को आवेदकों का फार्म नहीं जमा किया गया।
भत्ते के लिए भारी मेहनत करके रजिस्ट्रेशन कराने वाले और आवेदन फार्म जमा करने वाले जिले के बेरोजगारों के भत्ता मिलने की राह में एक बार फिर से अवरोध उत्पन्न हो गया है। 24 हजार आवेदकों का फीड किया गया डाटा लखनऊ के डायरेक्टर ने वापस कर दिया है। फीडिंग के दौरान नामों और खाता संख्या में त्रुटि होने के कारण इन फार्मों का मिलान नहीं हो पा रहा था। इसे फिर से ठीक कराने के लिए आदेश दिया गया है। इसे लेकर जिला सेवायोजन कार्यालय का पूरा स्टाफ परेशान है। फार्मों के बंडल फिर खोले जा रहे हैं। साथ ही कार्यालय में ही उनका मिलान किया जा रहा है। इसके चलते शुक्रवार को आवेदकों का फार्म भी जमा नहीं किया जा सका। नाम और खाता संख्या में आने वाली त्रुटि के चलते बेल्हा के बेरोजागारों को भत्ता मिलने की मंजिल एक बार फिर दूर हो गई है।
फीडिंग के समय आपरेटरों ने हिंदी नामों को अंग्रेजी में कर दिया। यानी यदि फूलचंद नाम है तो उसे फ्लावर मून लिख दिया गया। इसी प्रकार चंदा नाम को भी मून लिख दिया गया है। पूनम को परमार जैसे नाम दे दिए गए हैं। इसके साथ ही खाता संख्या में भी त्रुटि हो गई है। लखनऊ में जब इन खातों की संख्या का मिलान नहीं हो सका। इससे नाराज डायरेक्टर ने प्रतापगढ़ का डाटा वापस भेज दिया गया।
जिला सेवा योजन कार्यालय में फार्मों की फीडिंग की सीडी वापस आने के कारण हड़कंप मच गया है। सारे काम छोड़कर पूरा स्टाफ फार्मों के मिलान का काम कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि यदि फीडिंग कराकर समय पर फिर से सीडी नहीं भेजवाई गई तो दंड मिलना निश्चित है। डायरेक्टर के क्रोध का कोपभाजन किसी को भी बनना पड़ सकता है।
फीडिंग में नाम और खाता संख्या आपरेटरों द्वारा गलत कर दी गई थी। इसे फिर से ठीक कराया जा रहा है। जल्द ही इसे भेज दिया जाएगा। भत्ता सभी आवेदकों को मिलेगा। टीडी वर्मा, जिला सेवायोजन अधिकारी।