प्रतापगढ़। दशहरा और बकरीद में लाखों लोग मिठाइयां खरीदते हैं। रंग-बिरंगी मिठाइयां सेहत बिगाड़ रही हैं। रोगों की गिरफ्त में आने से पहले लोग सचेत नहीं होते हैं। इन दिनों समूचा बाजार मिलावटी खाद्य पदार्थों से पटा है। मिलावटखोरों की हर हरकत से वाकिफ होने के बावजूद प्रशासन चुप्पी साधे है।
त्योहार नजदीक आते ही मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं। खास तौर पर दूध के उत्पादों में मिलावट इतनी बारीकी से की जाती है कि आम आदमी को मालूम ही नहीं पड़ता है। खोवा और पनीर की दुकानों पर इस समय मेला लगा है। शहर और ग्रामीण इलाकों में मिठाई की दुकानों में कमाई के चक्कर में खूब मिलावट हो रही है। दशहरा का पर्व बुधवार को है मगर दुकानों पर अभी से तरह-तरह की मिठाइयां तैयार हैं। शहर की प्रसिद्ध दुकानें भी गुणवत्ता में गिरावट कर मोटी कमाई की तैयारी में हैं। नवरात्र प्रारंभ से ही मिठाई की बिक्री बढ़ गई है।
त्योहार पर मिलावट कर ग्राहकों को धोखा देने वाले दुकानदारों पर डंडा चलाने के लिए सक्रिय रहने वाला खाद्य विभाग पूरी तरह से सुस्त है। पखवारे भर से न ही कोई अभियान चला और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। चौक स्थित मेवा मंडी में दिनभर खरीदारों की भीड़ लगी। मुख्य खाद्य निरीक्षक शशि पांडेय ने बताया कि विभागीय व्यस्तता के कारण अभियान नहीं चलाया गया था। सोमवार से दुकानों पर छापामारी की जाएगी।
बीते वर्ष दशहरा पर तेरह कुंतल खोवा रोडवेज बस से आते समय खाद्य विभाग की टीम ने पकड़ लिया था। काफी खोजबीन के बाद जब व्यापारी नहीं मिला तो उसे विभागीय अधिकारियों ने नष्ट करा दिया था।
ऐसा नहीं है कि मिलावट सिर्फ मिठाई में ही होती है बल्कि नमकीन और चिप्स में भी होती है। नमकीन और चिप्स में घटिया तेल का प्रयोग करने के साथ ही केमिकल डालकर इन्हें तीखा किया जाता है। इसलिए खान-पान में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. अनिल गुप्ता का कहना है कि त्योहार पर लगभग 35 फीसदी मिलावटी या घटिया सामग्री से मिठाइयां तैयार की जाती हैं। इसलिए इनका कम मात्रा में सेवन करें। सिर्फ ताजी मिठाई खरीदें। गैस या जी मिचलाने पर ओआरएस का घोल पिएं। किसी अन्य तकलीफ में तत्काल डाक्टर से संपर्क करें।