फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनाव ड्यूटी काटने में खूब हो रही मनमानी

विज्ञापन
विज्ञापन
चुनाव ड्यूटी काटने में खूब हो रही मनमानी
विज्ञापन

चहेते कर्मचारियों का अनफिट मेडिकल बनाने के लिए सीएमओ पर बनाया जा रहा दबाव
987 कर्मचारियों की काटी जा चुकी है ड्यूटी, नेताओं के 186 लोग हैं शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव में लगे मतदान कार्मिकों की ड्यूटी कटवाने में खूब खेल हो रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी को गुमराह कर सीडीओ ने अपने करीबियों को मतदान से बाहर कर दिया है। किसी आरोप से बचने के लिए सीएमओ को पर्ची भेजकर अनफिट मेडिकल प्रमाणपत्र भी बनवा लिया गया है। जिले के 987 कर्मचारियों की अभी तक ड्यूटी काटी गई है, जिसमें 186 अध्यापकों की ड्यूटी नेताओं की कृपा पर कटी है।
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव में मतदान कार्मिकों की ड्यूटी लगाने और काटने का अधिकार डीएम ने सीडीओ को दे रखा है। दरअसल, कर्मचारियों और शिक्षकों की ओर से आने वाले आवेदन पत्र सीडीओ के पास एकत्रित होने पर सूची तैयार होती है और डीएम का हस्ताक्षर होने के बाद एनआईसी भेज दी जाती है। एक बड़े अफसर ने अपने चहेतों को चुनाव से मुक्त करने के लिए सीएमओ को पर्ची भेजकर पहले अनफिट मेडिकल बनवाया और फिर चुनाव कार्य से मुक्त कर दिया। पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, मतदान अधिकारी द्वितीय और तृतीय पद पर तैनात 987 मतदान कार्मिकों की ड्यूटी काटी जा चुकी है। आश्चर्य की बात तो यह है कि गर्भवती महिलाओं का मेडिकल चेकअप कराया गया, जबकि नेताजी की सूची में शामिल शिक्षकों का नाम पूरी तरह हटा दिया गया। इधर, सीडीओ की लापरवाही का आलम यह रहा कि चुनाव आयोग के आदेश के बाद भी पति-पत्नी की ड्यूटी लगा दी गई है। सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि सीएमओ के यहां से जिसका अनफिट प्रमाणपत्र आया था, उसी की ड्यूटी काटी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें