मनमोहक रही फूलों की होली
कवियों ने काव्य फुहारों से श्रोताओं को किया निहाल
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। होली मिलन में कवियों ने काव्य फुहारों से रसाबोर किया किया तो बिरहा गीत के माध्यम से देश भक्ति और होली गीतों से कवि नादान ने भी सराबोर किया। इसके बाद फूलों की होली लोगों के मन को मोह गई। इसमें कवियो और अतिथियों का सम्मान किया गया।
मानिकपुर कस्बे के मिरिया चौराहे पर आयोजित होली मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि एसीजेएम घनेंद्र कुमार ने कहा कि होली समरसता का ऐसा त्योहार है जो रंगों के बीच धर्म समुदाय के चेहरों को रंगीन कर एक कर देता है। यह लैंगिग भेदभाव को भी खत्म करता है। ऐसे में इस त्यौहार की महत्ता ही कुछ और है। उन्होंने कहा कि मानिकपुर में फूलों की होली का महत्व ही कुछ और है। यह होली मिलन के साथ ही विधिक साक्षरता को भी बढ़ावा देता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस कार्यक्रम में न्यायायिक अधिकारी भी शामिल किया जाता है। विशिष्ट अतिथि जेएम राजीव मुकुल पांडेय ने कविता पढक़र कवियों के बीच उपस्थिति दर्ज कराई तो आने वाले समय में कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान करने में सहयोग देने का वादा किया। इसके अलावा कार्यक्रम को दर्जनों लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में कवियों और समाज सेवियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही फूलों की होली खेली गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष अबूजैद गुड्डू व संचालन मथुरा प्रसाद धुरिया ने किया।