अधिक दाम पर डीएपी बेचने पर देवासा का सचिव निलंबित
मनमानी करने वाले पांच सचिवों पर निलंबन की गाज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। साधन सहकारी समितियों में मनमानी करने पर महाप्रबंधक ने पांच सचिवों को निलंबित कर दिया है। इसमें शिवगढ़ विकास खंड की देवासा साधन सहकारी समिति पर तैनात सचिव के अधिक दाम पर डीएपी बेचने की शिकायत थी।
जिले की साधन सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों की मनमानी पर नवागत महाप्रबंधक की गाज गिरनी शुरू हो गई है। किसानों को निर्धारित दाम से अधिक दर पर डीएपी बेचने वाले शिवगढ़ विकास खंड की साधन सहकारी समिति देवासा के सचिव अभय यादव को निलंबित कर दिया गया है। समिति में खाद का पुराना स्टाक था। इसकी बिक्री 1196 रुपये निश्चित थी, मगर सचिव नई दर 1450 रुपये में बेच रहा था। शिवगढ़ विकास खंड की साधन सहकारी समिति दरियापुर में तैनात रहे राजमूर्ति शुक्ल को 4.73 लाख रुपये लेकर गायब होने पर निलंबित किया गया है। बेलखरनाथधाम के साधन सहकारी समिति चंदुआडीह में तैनात रहे कुलदीप सरोज को 35,000 रुपये और मानधाता विकास खंड की साधन सहकारी समिति खरवई की सचिव रेशमा बानो को 256 बोरी यूरिया के रुपये लेकर गायब होने पर निलंबित किया गया है। जबकि बेलखरनाथधाम ब्लाक की साधन सहकारी समिति खूझीकला में तैनात रहे सचिव आशीष कुमार सिंह को निष्क्रियता पर निलंबित किया गया है। महाप्रबंधक धर्मपाल सिंह ने बताया कि अनियमितता करने वाले किसी भी सचिव को बख्शा नहीं जाएगा।
गाज गिरने के भय से रात-दिन तैयार हो रहा जॉब कार्ड
मनरेगा भुगतान में अव्वल हैं जलालपुर और दांदूपुरदौलत गांव
आज आएंगे संयुक्त आयुक्त, गांव में देखेंगे हकीकत
संडवा चंद्रिका (ब्यूरो)। मनरेगा में कागज पर विकास कार्य कराने वाले जलालपुर और दांदूपुर दौलत गांव में रात-दिन में जहां जॉब कार्ड तैयार हो रहा है। मनरेगा के अफसरों ने दो दिन से गांव में डेरा डाल दिया है। दरअसल, शनिवार को मनरेगा के संयुक्त आयुक्त प्रहलाद सिंह विकास कार्यों की वास्तविकता खंगालने आ रहे हैं।
प्रदेश में संडवा चंद्रिका विकास खंड के जलालपुर गांव में 97.33 लाख और दांदूपुर दौलत में 92.9 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इन ग्राम पंचायतों में सबसे अधिक मिट्टी का कार्य कराने का दावा किया गया था। सूबे में अव्वल होने के कारण शनिवार को संयुक्त आयुक्त प्रह्लाद सिंह हकीकत देखने आ रहे हैं। इस बात की भनक अफसरों को लगते ही गांव पहुंचकर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करने लगे। पता चला कि अधिकांश कार्य मौके पर हुए ही नहीं हैं। हालांकि अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के लिए अब रात-दिन निर्माण करा रहे हैं। गांव में जो कार्य हुए हैं, वह ट्रैक्टर से कराए गए हैं, मगर जॉब कार्ड धारकों के खाते में रुपये भेजकर निकाल लिए गए हैं। शुक्रवार को बीडीओ और एपीओ गांव पहुंचकर मजदूरों को सिखाते रहे। फिलहाल शुक्रवार को दिन भर गांव में अफसरों का जमावड़ा लगा रहा। प्रभारी डीसी मनरेगा ओपी यादव ने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक मानव दिवस पर भुगतान होने के कारण संयुक्त आयुक्त जांच करने आ रहे हैं।