प्रतापगढ़। जिलेभर में संस्कृत भाषा दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान वक्ताओं ने संस्कृति भाषा की महत्त्ता पर प्रकाश डाला।
सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा रविवार को रामानुज आश्रम में संस्कृत दिवस पर कार्यक्रम का आयेाजन किया गया। इस मौके पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ मोती सिंह ने कहा कि संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत भाषा देवभाषा है। हमें गर्व है कि सस्कृत भाषा में ही वेदों की रचना हुई है। संस्कृत भाषा से हमें संस्कृति सद्भावना और संस्कार का ज्ञान होता है। अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुज दास ने संस्कृत भाषा के उद्भव पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संतोष दूबे, आचार्य आलोक, विनोद पांडेय, प्रदीप शुक्ल, राकेश सिंह, डा. अवंतिका पांडेय, गिरीश मिश्रा, ज्ञानेश प्रताप सिंह, आलोक सिंह आदि मौजूद रहे।
नगर स्थित मेहता संस्कृत महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश माध्यमिक एवं महाविद्यालय शिक्षक कल्याण समिति के तत्वावधान में संस्कृत दिवस पर संस्कृत संभाषण का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने संस्कृत भाषा की विशेषता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा कि संस्कृत भाषा ने दुनिया के पटल पर भारतीय संस्कृति को अनुपम गरिमा प्रदान की है। शिक्षक विधायक उमेश ने समारोह में मौजूद जिलेभर के संस्कृत शिक्षकों को इस बात का भरोसा दिलाया कि वह संस्कृत शिक्षकों के हित संर्वधन के प्रति सदैव समर्पित मिलेंगे। अध्यक्षता करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम प्रकाश यादव ने कहा कि समाज और देश सदैव गुरूओं के प्रति समादर की भावना रखता है। विशिष्ट अतिथि डायट के प्राचार्य ओमप्रकाश मिश्र ने संस्कृत एवं संस्कृति के मध्य समन्वय के तार्किक विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति की ओर से सेवा निवृत्ति हुए निवर्तमान प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को अंगवस्त्रम् एवं गीता की प्रति भेंट कर सम्मानित किया गया।