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52 एएनएम सेंटर पर लटके ताले

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प्रतापगढ़। बेल्हा के करीब 52 एएनएम सेंटर शोपीस बन गए हैं। यहां एएनएम की तैनाती नहीं की गई है। इससे क्षेत्रीय महिलाओं को प्रेग्नेंसी जांच के साथ ही प्रसव पीड़ा के दौरान परेशान होना पड़ता है। प्रसव के लिए सीएचसी, पीएचसी या फिर जिला महिला अस्पताल लेकर जाना पड़ता है।
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जनपद में 427 एएनएम सेंटर हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगभग 375 एएनएम की तैनाती सेंटरों पर की गई है। अन्य 52 सेंटरोें पर ताला लटक रहा है। महिलाओं को प्रसव पीड़ा शुरू होती है तो आशा बहू सूचना मिलते ही उनके घर पहुंच जाती है। महिलाओं को लेकर सेंटर पर आती हैं। नार्मल प्रसव करवाने का प्रयास करती हैं। असफल होने पर सीएचसी और पीएचसी के साथ जिला महिला अस्पताल लेकर जाती है। इससे प्रसव पीड़िताओं की जान का खतरा बना रहता है। इतना ही नहीं एएनएम न होने के कारण जच्चा और बच्चा को टीका लगवाने के लिए दूर स्थित एएनएम सेंटर या फिर जिला महिला अस्पताल जाना पड़ता है। वहीं सीएमओ डा. राजकुमार नैय्यर का कहना है कि नया हूं, इसलिए बहुत कुछ नहीं पता है। खाली पड़े सेंटरों पर जल्द एएनएम की तैनाती की जाएगी। शाम ढलते ही सेंटर बंद होने की जांच कराई जाएगी। एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिन सेंटरों पर एएनएमों की तैनाती की गई है, वहां उनके रहने के लिए आवास भी बने हैं। मगर ज्यादातर सेंटरों पर शाम होने के बाद ताला लटकने लगता है। रात में महिलाओं को प्रसव पीड़ा शुरू होती है तो उनके परिजन पहले एएनएम के पास फोन करते हैं। कुछ एएनएम सेंटर पर आ जाती हैं तो ज्यादातर दूसरे जनपद में होने की बात कहकर निकट के पीएचसी या फिर सीएचसी पर भेज देती हैं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। एएनएम सेंटर पर गर्भनिरोधक दवा के साथ कई अन्य सामग्री स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाती हैं। सेंटर पर आने वाली महिलाओं को गर्भनिरोधक दवाओं के साथ अन्य सामग्री मुफ्त वितरित करने के लिए निर्देश दिया गया है, मगर बेल्हा में ऐसा नहीं होता है। इतना ही नहीं यहां प्रेगनेंसी जांच किट भी शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाती है, मगर एएनएम किसी भी महिला की जांच प्रेगनेंसी किट से नहीं करती हैं। जरूरत पउ़ने पर लोगों से मेडिकल स्टोर से खरीदवाती हैं।
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पहले एएनएम सेंटर पर ही गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ इलाज हो जाता था, मगर अब ऐसा नहीं होता है। यहां न तो जांच होती है और न ही महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की दवा मिलती है। जांच या फिर प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल या फिर किसी नर्सिंगहोम का सहारा लेना पड़ता है।
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