प्रतापगढ़। एक देश-एक कर व्यवस्था लागू होने के बाद परिवहन पर लगने वाला वैट अब जीएसटी में तब्दील हो गया है। अब फार्म 38 व 21 के स्थान पर व्यापारियों को ऑनलाइन ई-वे बिल साथ रखना होगा। माल ले जाने वाले वाहनों की चेकिंग करने के लिए अधिकारियों ने नई टीम गठित की है। जो हाईवे पर कभी भी ऐसे वाहनों को चेक करने के लिए धमकेगी।
केंद्र सरकार ने व्यापारियों को हाईटेक कर परिवहन पर लगने वाले वाले भाड़े के टैक्स की आनलाइन कटौती की व्यवस्था सुनिश्चित की है। जिसमें व्यापारी को खुद आनलाइन ई-वे-बिल प्रस्तुत करना है। कुछ दिनों पूर्व नई व्यवस्था में आपत्ति जताते हुए व्यापारियों ने वित्तमंत्री से सुधार व कुछ समय के लिए ई-वे-बिल से राहत मांगी थी। जिसे सरकार ने 15 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया था। 16 अगस्त से ई-वे बिल की बंदिशें व्यापारियों पर लागू हो चुकी है। प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय से व्यापारियों के ई-वे बिल की मानीटरिंग शुरू करने का सिलसिला शुरू हो गया है। नेशनल हाईवे से लेकर जिले के लिंक मार्गों पर व्यापारियों के माल भाड़े की निगरानी की जा रही है।
फिलहाल खामी पाए जाने पर जुर्माना नहीं वसूला जा रहा बल्कि खामियों को पूरा कराकर दोबारा गलती न दोहराने की चेतावनी देने के लिए जांच दल कोे निर्देशित किया गया है। प्रदेश के भीतर किसी स्थान से राज्य के बाहर किसी स्थान तक एक लाख रुपये या उससे अधिक के मूल्य के नीचे माल भाड़ा ले जाने पर ई-वे बिल 02 साथ रखना होगा। प्रदेश के भीतर ई-कामर्स आपरेटरों या अधिकृत ट्रांसपोर्ट व कोरियर एजेंसी एजेंटों द्वारा माल भाड़ा ले जाने पर ई-वे बिल 03 अपने साथ रखना होगा। ताकि चेकिंग के दौरान सचल दल की टीम को ई वे बिल दिखाया जा सके।
प्रदेश के बाहर किसी स्थान से प्रदेश के भीतर पांच हजार रुपये या उसके मूल्य के माल का परिवहन किए जाने की दशा में ई-वे बिल 01 माल के साथ रखना होगा। कोई व्यक्ति अपने व्यक्गित सामान के साथ में या सार्वजनिक यात्री परिवहन वाहन के माध्यम से व्यक्गित पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ 50 हजार रुपये का माल ले जाने पर ई-वे-बिल 01 साथ में रखेगा।