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जंघई-प्रतापगढ़ के बीच पहली बार दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन

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जंघई से प्रतापगढ़ के बीच शनिवार को पहली बार रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ा। रेलवे के अफसरों ने ट्रायल के तौर पर इस इंजन को दौड़ाया। सबकुछ ठीक रहने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। अब इस रूट पर बिजली से ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। इंजन को पहले ही बार में सौ की स्पीड से चलाया गया। अब प्रतापगढ़ से गौरीगंज के बीच भी पखवारे भर के अंदर ट्रायल किया जाएगा।
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जंघई स्टेशन पर मुख्य विद्युत वितरण अभियंता उत्तर रेलवे नई दिल्ली राजेश सिंह ने शनिवार सुबह 10.20 बजे विधिवत पूजन-अर्चन कर इलेक्ट्रिक इंजन को प्रतापगढ़ के लिए रवाना किया। करीब 1 घंटा 22 मिनट में इलेक्ट्रिक इंजन प्रतापगढ़ पहुंचा। इस दौरान पृथ्वीगंज, गौरा और निभापुर में इंजन को रोका भी गया था। 11.40 बजे इंजन प्रतापगढ़ पहुंचने पर एसएस त्रिभुवन मिश्रा ने लाल झंडी दिखाकर उसे रोका। इसके बाद सभी का स्वागत किया। अफसरों की टीम पावर केबिन पर गई और संचालन के उपकरणों और पैनल का निरीक्षण किया। एसएम शमीम से जानकारी ली। प्रतापगढ़ में आरवीएनएल का काम देख रहे सहायक प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा ने बताया कि इंजन का ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। कहीं कोई दिक्कत नहीं आई।

जंघई से यहां तक की दूरी 22 किमी है आने में 1 घंटा 22 मिनट का वक्त लगा। बिना रुके आने पर करीब 47 मिनट लगते। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रतापगढ़-गौरीगंज का निरीक्षण करने अफसर टावर वैगन से जाएंगे। फिट मिलते ही पखवारे भर के अंदर प्रतापगढ़ से गौरीगंज के बीच ट्रायल कर दिया जाएगा। इस दौरान मुख्य परियोजना अधिकारी संजीव सहगल, अभियंता गुरमीत सिंह, सहायक प्रबंधक योगेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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पहली बार इलेक्ट्रिक इंजन देखने उमड़ी भीड़
प्रतापगढ़ से जंघई के बीच शनिवार को पहली बार इलेक्ट्रिक इंजन को दौड़ाया गया। बिजली के करंट से दौडने वाले इंजन को देखने के लिए गौरा, दांदूपुर, पृथ्वीगंज और प्रतापगढ़ स्टेशनों पर लोग पहुंच गए थे।
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