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एक दूजे के हुए 226 जोड़े

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प्रतापगढ़। शनिवार को शहर के राजकीय इंटर कालेज परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन हुआ। परंपरागत रश्मों एवं रिवाजों के बीच 226 जोड़ों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। इसमें 14 मुस्लिम जोड़े भी शामिल थे। जिनका निकाह कराया गया। डीएम शंभु कुमार ने कन्यादान करने के साथ ही विवाह प्रमाणत्र व जोड़ों को उपहार सामग्री भेंटकर विदा किया।
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शनिवार को ंजीआईसी परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह आयेाजित किया गया था। शुक्रवार को देरशाम मंडप, पंडाल व मंच सहित सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई थीं। शनिवार को सुबह 10 बजे से विवाह कार्यक्रम निर्धारित था। जिले के 17 ब्लाकों से 226 जोड़ों के विवाह की तैयारी की गई थी। जिसमें 14 मुस्लिम व 212 हिंदू जोड़े थे। इसके लिए 60 पंडाल सजाए गए थे। सभी मंडप व पंडाल में एक-एक पुरोहितों की व्यवस्था की गई थी। मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराने के लिए मौलवी आए हुए थे। कुल 12 सेक्टर अफसरों के जिम्मे 5-5 मंडप थे। सुबह 8 बजे से वर पक्ष व कन्या पक्ष के लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। वर व कन्या पक्ष के परिजनों के साथ ही उनके रिश्तेदार भी आ रहे थे। दोनों पक्षों की खुशी देखते ही बन रही थी। जीआईसी परिसर विवाह के रौनक से सराबोर था। 11 बजे द्वारपूजा की रस्म पूर्ण हुई।

डीएम शंभु कुमार, एसपी एस आनंद, सीडीओ राजक मल यादव, सदर विधायक संगमलाल गुप्ता, विधायक रानीगंज धीरज ओझा, जिलाध्यक्ष भाजपा हरिओम मिश्रा व समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य, डीजीसी ग्रामसभा विवेक उपाध्याय ने विवाह की अगवानी की। इसके बाद मंडपों में कुरान की आयतों व वैदिकमंत्रों के बीच विवाह शुरू हुआ। विवाह कार्यक्रम का जायजा लेने के लिए बीच-बीच में डीएम शंभु कुमार, सीडीओ राजकमल यादव व समाज कल्याण अधिकारी मंडपों का भ्रमण करते रहे। दोपहर 12 बजे के करीब डीएम शंभु कुमार ने वैदिकमंत्रों के बीच कन्यादान की रश्म निभाई। इसके बाद सप्त वाचन, अभिषेक वाचन, सिंदूरदान की रश्म अदायगी हुई।
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इस दौरान बैंडबाजे व शादी के पारंपरिक गीतों ने वैवाहिक माहौल खुशनुमा बनाए रखा। शादी अनुष्ठान का समापन होने के बाद डीएम शंभु कुमार ने सभी को शादी प्रमाणपत्र, कूकर, कंबल, चटाई सहित उपहार सामग्री भेंट की। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले परिवार पात्रता की श्रेणी में आते हैं। उन्हें 20 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है, जबकि 10 हजार रुपये का सामान दिया जाता है। संचालन सुनील प्रभाकर ने किया। इस अवसर पर सीडीओ राजकमल यादव की पत्नी एसडीएम ज्योत्सना यादव, मंत्री प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, डीआईओएस एसपी यादव, डा. विंध्याचल सिंह, बीएसए अशोक सिंह, समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य, डीजीसी ग्रामसभा विवेक उपाध्याय, एडिशनल एसपी अवनीश मिश्रा आदि मौजूद रहे।

ऊमरवैश्य समाजसभा ने दिया 11 हजार का सहयोग
राजकीय इंटर कालेज में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में ऊमरवैश्य समाजसभा के संरक्षक समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य ने 11 हजार रुपये का सहयेाग प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह का यह कार्यक्रम सरकार की सराहनीय पहल है। गुलाबचंद्र, देवेंद्र कुमार, शोभनाथ, हनुमान प्रसाद, मदन लाल, मनोज कुमार आदि ऊमरवैश्य सभा के पदाधिकारी मौजूद रहे। इसी तरह विश्वानाथ मिश्र ने दो हजार का सहयोग दिया।

विधायक ने जोड़ों को उपहार में दी पानी की टंकी
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह मेें विधायक सदर संगमलाल गुप्ता ने 226 जोड़ों को विवाह में उपहारस्वरुप पानी की टंकी प्रदान की। उन्होंने सभी जोड़ों को बारी-बारी से उपहार भेंटकर सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सीएम योगी की यह पहल गरीबों के सपने को साकार कर रही है।

जीआईसी में सबकुछ भगवा
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयेाजित सामूहिक विवाह समारोह को भी बड़े नायाब तरीके से सियासी रंग दिया गया। कार्यक्रम स्थल भगवामय रहा। भगवा कलर के गुब्बारे से पूरा परिसर सजाया गया था। भाजपा व अद नेताओं के बीच डीएम, सीडीओ, समाज कल्याण अधिकारी सहित मंच पर तैनात व कार्यक्रम स्थल पर भ्रमण कर रहे सभी अधिकारियों के सिर पर भगवा साफ ा दिखा। इतना ही नहीं मुख्य मंच को भी भगवा किया गया था। बोर्ड से लेकर उपहार सामाग्री की पैकिंग तक भगवा कलर में थी। इसे लेकर लोगों में चर्चा होती रही।

दक्षिणा लेने की थी मनाही, अवसर भुनाने से बाज नहीं आए पुरोहित
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन को संपन्न कराने के लिए आए पुरोहितों की दक्षिणा की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसे लेकर मंडप में बैठे पुरोहित आपस में चर्चा करते रहे। वर पक्ष व कन्या पक्ष के मंडप में आने के बाद वह विवाह कार्यक्रम शुरू करने से पहले दक्षिणा व इसके महत्व के बारे में जानकारी देते। मगर दोनों पक्षों से जवाब मिलता कि योगी-मोदी से पंडित जी मांगा दक्षिणा। हालांकि पुरोहित समझा बुझाकर अपनी दक्षिणा लेने से बाज नहीं आए।

निगरानी के लिए लगा था ड्रोन कैमरा
राजकीय इंटर कालेज में आयोजित मुख्यमंत्री विवाह समारोह की व्यवस्था का व्यापक इंतजाम था। परिसर में विवाह समारोह का बड़ा सा पंडाल बना था। पंडाल के भीतर एक कतार से मंडप बने थे। सामने मंच था। पूरे समारोह की निगरानी को लेकर ड्रोन कैमरे की व्यवस्था की गई थी।
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