प्रतापगढ़। सीएचसी-पीएचसी में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब पेयजल के लिए भटकना नहीं होगा। न उन्हें हैंडपंप ढूंढना होगा और न ही भागकर अस्पताल के बाहर चाय-पान की दुकानों पर जाना होगा। मरीजों की सहूलियत के लिए स्वास्थ्य विभाग हर अस्पताल में आरओ की सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है। दावा है कि अप्रैल तक सभी अस्पतालों में आरओ मशीन लग जाएगी।
जनपद में 27 सीएचसी और 55 पीएचसी हैं। इनमें से ज्यादातर अस्पताल ऐसे हैं जहां पेयजल की व्यवस्था ही नहीं है। कहीं हैंडपंप खराब हैं तो कई सबमर्सिबल पंप की मोटर जली है। कुछ सीएचसी और पीएचसी में लगे हैंडपंप गंदा पानी उगल रहे हैं। ऐसे में मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता हैं। मजबूरन में उन्हें पाउच या फिर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के तीमारदार अस्पताल के आसपास चाय-पान की दुकानों पर पानी के लिए दौड़ लगाते रहते हैं। इससे उन्हें काफी परेशान होना पड़ता है।
शासन ने मरीजों और उनके तीमारदारों की सहूलियत के लिए अब जनपद में संचालित हो रहे सीएचसी और पीएचसी में आरओ मशीन लगाने की कवायद शुरू कर दी है। सीएमओ को आदेश दिया है कि सीएचसी और पीएचसी में आरओ वाटर मशीन लगाने के लिए जगह चिह्नित कर ली जाए। अप्रैल तक जनपद के समस्त सीएचसी और पीएचसी में आरओ मशीन हर हाल में लगवा दी जाए। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। वहीं अपर शोध अधिकारी आरपी चौधरी का कहना है कि जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी में आरओ लगवाने के लिए शासन ने आदेश दिया है। आरओ लगवाने के लिए जगह चिह्नित की जा रही है। किसी एक संस्था को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी।