प्रतापगढ़।
कपड़े को जीएसटी के दायरे में लाने से नाराज व्यापारियों ने बुधवार को दुकानों में तालाबंदी करके वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। चेताया कि अगर सरकार ने कपडे़ को टैक्स के दायरे से बाहर नहीं किया तो प्रदर्शन जारी रहेगा। व्यापारियों ने 30 जून से राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। बुधवार को व्यापारियों की बंदी पूरी तरह सफल रही।
सूबे में एक जुलाई से लागू हो रहे जीएसटी के विरोध में जिले के कपड़ा व्यवसायी उतर आए हैं। मंगलवार की शाम जुलूस निकालकर विरोध करने वाले व्यापारियों ने बुधवार को तालाबंदी करके वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कपड़ा व्यवसाइयों का आरोप है कि आजादी के बाद से अब तक कपडे़ पर कभी भी टैक्स नहीं लगाया गया था। केंद्र सरकार कपड़ा व्यपारियों का शोषण करने के लिए जीएसटी के दायरे में ला रही है। पंजाबी मार्केट में सुबह दस बजे एकत्रित हुए व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोलने का संकल्प लिया। एकजुट हुए व्यापारी पंजाबी मार्केट का भ्रमण करके कपडे़ को टैक्स के दायरे से मुक्त करने की मांग करते रहे। कपड़ा व्यापारियों के समर्थन में व्यापार मंडल भी आ गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष मंजीत सिंह छावड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार की इस ज्यादती को व्यापारी हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे। संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय झलानी ने कहा है कि अगर सरकार ने कपड़े को टैक्स से बाहर नहीं किया, तो 30 जून से बेमियादी बंदी की जाएगी। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। बुधवार को सुभाष पार्क के निकट हुए कार्यक्रम में बलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, जसवीर सिंह, प्रदीप खंडेलवाल, आलोक खंडेलवाल, नीतेश खंडेलवाल, करमजीत सिंह, रवि अग्रवाल, नन्हें अंसारी, अनूप केसरवानी आदि मौजूद रहे।
मालशॉप, रेडीमेड और होजरी की दुकानें खुलीं
कपड़ा व्यापारियों के आह्वान पर कपड़े की दुकानें पूरी तरह बंद रही। शहर के मालशॉप, रेडीमेट और होजरी की दुकानें प्रतिदिन की तरह खुली रहीं। दरअसल ये लोग पहले ही टैक्स के दायरे में आ गए थे। मगर कपड़ों की दुकानों में ताला लटकता रहा।
जीएसटी के विरोध में सड़क पर उतरे कपड़ा व्यापारी
दुकानों में तालाबंदी कर किया प्रदर्शन, निकाली रैली
समर्थन में उतरा व्यापार मंडल, 30 जून से करेंगे बंदी
वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यापारियों ने निकाली भड़ास
अमर उजाला ब्यूरो