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चार नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण लटका 18-28-31

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प्रतापगढ़। योगी सरकार एक तरफ बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नए फरमान जारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले में चार नए उपकेंद्रों का निर्माण जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते नहीं हो पा रहा है। पट्टी, रानीगंज व सदर विधानसभा क्षेत्र में कुल चार नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण होने हैं। विभाग की तरफ से प्रस्ताव भी पास हो गया है, मगर जमीन के अभाव में अब तक निर्माण कार्य ठप पड़ा है। इससे करीब दो सौ गांवों के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
जिले के विद्युत पारेषण प्रथम व द्वितीय उपकेन्द्रों को मिलाकर कुल 60 उपकेंद्र हैं। विद्युत पारेषण खंड में प्रथम 32 व द्वितीय 28 उपकेंद्रों की संख्या हैं। प्रथम में भुपियामऊ, रानीगंज, कादीपुर, पटटी व द्वितीय में कुंडा, संग्रामगढ़, लालगंज व रानीगंज अजगरा सहित आठ उपकेंद्रों पर क्षमता से अधिक लोड की मार झेल रहे हं।ै जिसके अंतर्गत करीब 400 गंावों को आए दिन बिजली संकट से जूझना पड़ता है। विभाग की तरफ से इन उपकेंद्राें का अतिरिक्त लोड कम करने के लिए 8 नए उपकेंद्रों के निमार्ण क ो लेकर प्रयास शुरू किया गया। प्रथम में चार नए उपकेन्द्रों के लिए आसपुरदेवसरा, महुली, पृथ्वीगंज, सुखपाल नगर का क्षेत्र चुना गया, वहीं द्वितीय में नौढ़िया, हंडौर, पहाड़पुर व चौसा गांव चुना गया और निमार्ण कार्य को लेकर प्रस्ताव भी हेा गया। विद्युत वितरण द्वितीय में चिह्नित गांवों में तो उपकेंद्रों के निमार्ण के लिए जमीन की मैपिंग के बाद अब निर्माण को लेकर पहल श्ुारू कर दी गई। लेकिन प्रथम में अंतर्गत बनने वाले चार नए उपकेन्द्रों का निर्माण महज जमीन के अभाव सालभर से लटका पड़ा है, प्रस्ताव को सालभर बीत चुके हैं, मगर अब तक उपकेंद्रों के निमार्ण के लिए जमीन उपब्ध नहीं हो सकी है।
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ये चारों उपकेंद्र पटटी, रानीगंज, सदर विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। पूर्व की सपा सरकार के जनप्रतिनिधियों से कई बार इसके निर्माण को लेकर पहल की गई, मगर जमीन की व्यवस्था कर पाने में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। अब बारी भाजपा विधायकों की है। योगी सरकार में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर फरमान पर फरमान सुनाए जा रहे हैं, मगर उपकेंद्रों के निमार्ण के लिए के जमीन की उपलब्धता के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक पहल नहीं हो सकी है। ऐसे में उपकेंद्रों का निर्माण न होने से लोगों को बिजली सकं ट से दो चार होना पड़ रहा है। इस बारे में अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम सत्य प्रकाश मिश्र ने बताया कि चार नए उपकेन्द्रों का प्रस्ताव सालभर पहले हो चुका है। जमीन के अभाव में निमार्ण कार्य नहीं हो पा रहा है। जमीन की उपलब्धता होते ही निमार्ण कार्य शुरू हो जाएगा।
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इनसेट
इन उपकेद्रों ापर है ओवरलोड
कादीपुर, रानीगंज, भुपियामऊ व पट्टी उपकेंद्रों पर क्षमता से अधिक लोड है। महुली, पृथ्वीगंज, सुखपालनगर व आसपुर देवसरा में उपकेंद्रों के निर्माण से इनको राहत मिलेगी। इससे करीब दो गांवों को बिजली संकट से निजात मिलेगी।

नेताजी की उदासीनता जनता पर पड़ रही भारी
लटका है चार नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण कार्य
पृथ्वीगंज, आसपुर देवसरा, सुखपालनगर, महुली में बनाने का है प्रस्ताव
जनप्रतिनिधि नहीं दिखा रहे दिलचस्पी, लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे दो सौ गांव
अमर उजाला ब्यूरो
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