हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड प्रेशर, यूरिन व प्रेग्नेंसी की जांच कराने के लिए गर्भवती महिलाओं को अब दूर के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। बल्कि स्थानीय एएनएम सेंटर पर महिलाओं को यह सुविधाएं मुफ्त में मिलेंगी। जनपद के तीस एएनएम सेंटरों पर प्रशिक्षित स्टाफ नर्स की भी तैनाती करने के लिए शासन ने सीएमओ को आदेश दिया है।
जनपद के ज्यादातर एएनएम सेंटर बदहाल हैं। इसके चलते गर्भवती महिलाओं के साथ ही प्रसव पीड़िताओं को परेशान होना पड़ता है। हीमोग्लोबिन, शुगर और ब्लड प्रेशर तो दूर प्रेग्नेंसी जांच से लेकर टीका लगवाने के लिए अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे महिलाएं परेशान होती हैं, लेकिन अब जल्द ही इससे उन्हें निजात मिलने वाली है। शासन ने सीएमओ को आदेश दिया है कि पहले चरण में जनपद के तीस एएनएम सेंटरों का विस्तार कर महिलाओं की परेशानी दूर की जाए। इतना ही नहीं एएनएम सेंटर पर प्रशिक्षित जीएनएम यानी एक-एक स्टाफ नर्स की तैनाती भी करने का आदेश दे दिया है। सेंटर पर ही किशोरी काउंसलिंग सेंटर व लैब की स्थापना करवाने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक, छह माह के अंदर तीस एएनएम सेंटरों को आधुनिक बना दिया जाएगा। आधुनिक लेबर रूम, बिजली की व्यवस्था, पानी की व्यवस्था, मलेरिया, हीमोग्लोबिन, प्रेग्नेंसी, शुगर, ब्लड प्रेशर और यूरिन आदि की जांच की व्यवस्था होगी।
अफसरों के गोद लिए गांवों के एएनएम सेंटरों के विस्तार पर जोर
शासन का आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर परेशान हो गए हैं। तीस एएनएम सेंटर चिह्नित करने में उन्हें पसीने छूट रहे हैं। सूत्रों की मानी जाए तो जनप्रतिनिधियों और अफसरों के गोद लिए गए गांवों के एएनएम सेंटरों को प्राथमिकता दिए जाने की बात चल रही है।
शासन की ओर से आदेश आया है कि तीस एएनएम सेंटर को विकसित करना है। एएनएम के साथ ही एक-एक जीएनएम की और तैनाती करने के लिए आदेश मिला है। एएनएम सेंटरों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
राजशेखर, डीपीएम।
बारी-बारी से सभी एएनएम सेंटरों को विकसित किया जाएगा। मगर पहले चरण में तीस एएनएम सेंटर के लिए शासन ने आदेश दिया है। इससे गर्भवती महिलाओं को जांच कराने के लिए गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा। प्रसव पीड़िताओं को भटकना नहीं पड़ेगा।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ।