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तपिश बढ़ते ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटका ताला

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तपिश बढ़ते ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर लटका ताला
रजिस्टर में हो रही है आंकड़ेबाजी, अधिकारी मिटा रहे चुनाव की थकान
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। तपिश बढ़ते ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटक गया है। बच्चों के केंद्रों पर नहीं आने से महिला कार्यकर्ता भी धूप से बचने का प्रयास कर रहे हैं। मगर उनके रजिस्टर पर प्रतिदिन आंकड़ा दुरुस्त हो रहा है।
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर भले ही बच्चे और महिला कार्यकर्ता नहीं पहुंच रहे हैं, मगर कागजी आंकड़े घर बैठकर दुरुस्त किए जा रहे हैं। जिले में पखवारे भर से गर्मी का तापमान बढ़ता जा रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री के करीब पहुंच गया है। भीषण गर्मी के चलते आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद हो गए हैं। मगर कागज पर यह केंद्र बराबर खुल रहे हैं और शत-प्रतिशत उपस्थित होने वाले बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। मगर विभागीय अधिकारियों को यह सब देखने की फुर्सत नहीं मिल रही है। यह अधिकारी लोकसभा चुनाव की व्यस्तता दिखाकर अपनी थकान मिटा रहे हैं। मानधाता और पट्टी विकास खंड के सीडीपीओ प्रयागराज से आते हैं, इसलिए विभागीय व्यस्तता बताकर कभी-कभी ही कार्यालय आते हैं। इससे महिला कार्यकर्ता अपनी इच्छा के अनुसार बच्चों को अंकन करते रहते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि अभी तक व्यस्तता के चलते केंद्र देखने का मौका नहीं मिला। अब खाली हूं, जल्द ही औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।
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मनगढ़ क्रय केंद्र प्रभारी की सड़क दुर्घटना में मौत
शहर से घर लौटते समय महेशगंज थाने के पास हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़/कुंडा। महेशगंज थाने के निकट मंगलवार की रात साढ़े नौ बजे मनगढ़ गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी दिलीप मौर्या की सडक़ हादसे में मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद अपने घर कुंडा लौट रहे थे। गुरुवार को बड़ी संख्या में पीसीएफ के कर्मचारी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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पुराना कुंडा गांव निवासी दिलीप कुमार मौर्य पुत्र स्व.रामदुलारे एफसीआई मनगढ़ में लिपिक के पद पर तैनात थे। उन्हें मनगढ़ स्थित गेहूं क्रय केंद्र का प्रभारी बनाया गया था। मंगलवार को वह विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद पुरना कुंडा स्थित अपने घर जा रहे थे। रात साढ़े नौ बजे महेशगंज थाने के निकट सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें कुंडा सीएचसी में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इधर परिजनों का आरोप है कि महेशगंज पुलिस की लापरवाही के चलते मौत हुई है। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस समय से अस्पताल पहुंचा देती तो उनकी जान बच सकती थी। बुधवार की सुबह पीसीएफ के जिला प्रबंधक मानिक सिंह अकेला समेत कर्मचारी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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