कमी छिपाने के लिए अंधाधुंध बिजली कटौती कर रहा विभाग
ढीले और जर्जर तार न कसे न बदले, अब आग रोकने के लिए चार से पांच घंटे काटी जा रही बिजली
ढीले और जर्जर तारों के टकराने से हर दिन जिले में लगी रही आग, बर्बाद हो गए दर्जनों किसान
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बिजली विभाग की कारस्तानी भी अजब है। गर्मी की शुरुआत में अफसरों ने ढीले और जर्जर तारों को न कसा न बदला और अब आग की घटनाओं को रोकने के नाम पर चार से पांच घंटे की कटौती की जा रही है। जिले में बिजली की शार्ट सर्किट से हर दिन लगने वाली आग और फसल जलने की घटनाओं से लगातार हो रही किरकिरी से बचने के लिए अफसर दोपहर से शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित करा दे रहे हैं। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। दोपहर में बिजली न रहने से लोग परेशान हो जा रहे हैं।
गर्मी शुरू होते ही बिजली व्यवस्था की पोल खुलने लगी थी। ढीले व जर्जर तारों का टूटना शुरू हो गया। अप्रैल महीने की शुरुआत से ही शार्ट सर्किट व तार टूटने से अगलगी की घटनाएं होने लगी थीं। इससे किसानों की फसल जल रही थी। रानीगंज, कुंडा, लालगंज, पट्टी, सदर इलाकों में दो दर्जन से अधिक अगलगी की घटनाएं हुईं। अगलगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के सारे इंतजाम फेल साबित हो रहे थे। इससे विभाग की खूब किरकिरी हो रही थी। इससे बचने के लिए अधिकारियों ने ग्रामीण इलाकों में दिन में कटौती करने का निर्णय लिया। ताकि किसानों की फसलें सुरक्षित रहें और अगलगी की घटनाओं पर अंकुश लगे। मगर अब विभाग की यह पहल उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। ग्रामीणों इलाकों में 80 प्रतिशत गेहूं की मड़ाई हो चुकी है। खेत खाली हो चुके हैं। मगर अगलगी के ही बहाने बिजली कटौती का खेल किया जा रहा है। आलम यह है कि सुबह 11 बजे के बाद बिजली गुल हो जाती है तो शाम 5 बजे के बाद दर्शन होते हैं। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। उमस से घर में रहना दूभर हो रहा है, जबकि बाहर लू के थपड़े कहर बरपा रहे हैं। ऐसे में अंधाधुंध कटौती से लेागों का जीना मुहाल है। इसे लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। अधिशाषी अभियंता उमाकंात ने बताया कि बिजली कटौती नहीं की जा रही है। तेज हवा से अगलगी की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इससे आपूर्ति ठप कर दी जाती है। रोस्टर के मुताबिक ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।