प्रतापगढ़। विवाह की शुभ लगन का इंतजार तो खत्म हो गया है, लेकिन दिसंबर माह में महज तीन ही मुहूर्त हैं। नए साल में जनवरी और फरवरी में खूब शहनाई बजेगी। अप्रैल माह तक शादियों की धूम मची रहेगी। शादी के लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मैरिजहाल, बैंडपार्टी और वाहनों की बुकिंग के लिए मारामारी मची हुई।
मान्यता है कि भगवान श्रीहरि के शयन पर जाने से वैवाहिक कार्य नहीं होते हैं। भगवान श्रीहरि चार महीने तक शयन पर रहते हैं। जानकारों की मानें तो 23 जुलाई से 19 नवंबर तक चार महीने तक वह शयन पर रहे। 19 नवबंर को प्रबोधिनी एकादशी पर शयन से उठे। मगर गुरु बृहस्पति के अस्त होने से विवाह के मुहूर्त नहीं शुरू हो सके। दो दिन बाद छह दिसंबर से गुरु बृहस्पति के उदय होने पर विवाह मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। मगर जानकारों की माने तो दिसंबर माह में महज तीन मुहूर्त ही हैं। इसके बाद गुरु बृहस्पति का अन्य ग्रहों से तालमेल नहीं बैठ रहा है। 14 जनवरी तक धनु संक्रांति व पौष माह की अड़चनें हैं। मगर जैसे ही 15 जनवरी यानी मकर संक्रांति शुरू होगी, इसके बाद विवाह मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। 15 जनवरी से 31 जनवरी तक 11 शुभ मुहूर्त है। इसी तरह फरवरी में दिन-रात व दिवा लग्र मिलाकर कुल 9 शुभ मुहूर्त हैं। ज्योतिषाचार्य पं. आलोक मिश्र ने बताया कि मार्च माह में विवाह के चार शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद खरमास है। अप्रैल व मई माह में भी शुभ मुहूर्तों की भरमार है।
नहीं रहता है पंचक व दिशा शूल का प्रभाव
विवाह के शुभ मुहूर्तों में वैवाहिक कार्यक्रमों के दौरान पंचक का प्रभाव नहीं माना जाता है और न ही दिशा शूल का। ज्योतिषाचार्य पं.आलोक मिश्र ने बताया कि विवाह मुहूर्तों में इसका प्रभाव शून्य माना जाता है। शादी के दौरान वर व कन्या पक्ष किसी तरह का भ्रम न पालें।
मैरिज हाल, बैंडबाजा व वाहन संचालकों ने बढ़ाए दाम
जनवरी में विवाह की लंबी फेहरिस्त शुरू होने को है। मैरिज हाल, बैंडबाजा, वाहन आदि की बुकिंग को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। डिमांड देखते हुए संचालकों ने दाम में बढ़ोतरी कर दी है। सबसे ज्यादा मैरिज हाल व बैंडबाजा की बुकिंग को लेकर मारामारी देखी जा रही है।
माहवार शुभ लग्रों की सूची
माह---------मुहूर्त
दिसंबर - 6,7,9,10
जनवरी---17,18,22,23,25,26,27,28,29,30,31
फरवरी--1,19,21,22,25,26,28,
मार्च----2,8,9,14
अप्रैल----16 से शुरू