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39,814 का लक्ष्य, सिर्फ 3612 किसानों को दिया लोन

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कर्जमाफी की घोषणा के बाद से किसानों ने बकाया जमा करना बंद कर दिया तो बैंकों ने किसानों को कर्ज देने में कंजूसी दिखानी शुरू कर दी है। चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 39,814 किसानों को केसीसी का कर्ज देने का लक्ष्य था, मगर अभी तक 3612 किसानों को 3.56 करोड़ रुपये का कर्ज ही बांटा जा सका है। इससे कर्जमाफी के इंतजार में 5635 किसानों की आंखें पथरा गईं हैं।
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सूबे में योगी सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों की कर्जमाफी की घोषणा करके उनके चेहरे पर खुशियां तो बिखेरीं, मगर उनके कर्ज मिलने के रास्ते में बाधा भी खड़ी कर दी। कर्जमाफी के बाद से बैंकों ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) भी बनाना बंद कर दिया है। दरअसल, कुछ किसान ऐसे हैं, जो कर्ज माफ होने के इंतजार में बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। आलम यह है कि चालू वित्तीय वर्ष में 39,814 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया था। मगर अभी तक मात्र 3612 किसानों को सिर्फ 3.56 करोड़ रुपये का ही केसीसी बांटा गया है। दूसरी तरफ बैंकों का 895.35 करोड़ रुपये अभी भी किसानों पर बकाया है। मगर यह किसान अब बकाया जमा करने के मूड में नहीं है। दरअसल, किसान इस उम्मीद में हैं कि कर्जमाफी में वह भी शामिल हो जाएंगे। इसी फेर में वह बकाया रकम जमा करने से किनारा काट रहे हैं।

कर्जमाफी के इंतजार में 5635 किसानों की पथरा गईं आंखें
कर्जमाफी के इंतजार में जिले के 5635 किसानों की आंखें पथरा गई हैं। तीन माह पहले पोर्टल पर उनका विवरण अपलोड कर दिया गया है, मगर शासन की ओर से कोई पहल नहीं हो रही है। यह किसान कभी बैंक तो कभी जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि तैयारी कर ली गई है। कर्जमाफी होने पर किसानों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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किसानों का केसीसी प्रमाणपत्र बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मार्च तक लक्ष्य पूरा करना है, जो आसानी से हासिल कर लिया जाएगा।
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डॉ. अश्विनी सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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